नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है। यह समझौता ऐतिहासिक हो सकता है। इसका मकसद मध्य पूर्व में तनाव कम करना और तेहरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है।
आपको बताते चलें कि ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने बराक ओबामा के समय हुए 2015 के ईरान परमाणु समझौते की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे अब तक के सबसे खराब समझौतों में से एक बताया। ट्रंप ने ओबामा प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने ईरान के लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खोल दिया था। उन्होंने कहा कि मौजूदा बातचीत पिछली डील से बिल्कुल अलग है।
डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि चर्चा व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से आगे बढ़ रही है। उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी समझौते को लेकर जल्दबाजी न करें। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि बातचीत जारी रहने तक तेहरान पर दबाव कम नहीं होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के खिलाफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी और सभी प्रतिबंध पूरी तरह लागू रहेंगे। जब तक कोई अंतिम समझौता तय, प्रमाणित और हस्ताक्षरित नहीं हो जाता, तब तक कोई ढील नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि डील तैयार करने में कोई गलती नहीं होनी चाहिए।
कड़े रुख के बावजूद ट्रंप ने अमेरिका ईरान रिश्तों को लेकर उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध अब पहले से ज्यादा पेशेवर और फलदायी होते जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार बनाने या हासिल करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने कूटनीतिक प्रक्रिया में सहयोग के लिए मध्य पूर्व के कई देशों को धन्यवाद दिया। उन्होंने इस बातचीत को अब्राहम समझौते के तहत क्षेत्रीय सामान्यीकरण की बड़ी सोच से जोड़ा। उनका बयान ऐसे समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच निर्णायक डील की अटकलें तेज हैं।
गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अभी चार दिन की भारत यात्रा पर हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान अमेरिका बातचीत में बड़ी सफलता मिलने वाली है। रूबियो ने कहा कि दुनिया को अगले कुछ घंटों में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। First Updated : Sunday, 24 May 2026