होर्मुज के पास अपाचे हेलीकॉप्टर हादसे पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- जवाब देना होगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर की घटना का जवाब देना जरूरी है. हालांकि अमेरिकी सेना ने अभी तक किसी हमले की पुष्टि नहीं की है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर से जुड़ी घटना के बाद अमेरिका को उचित जवाब देना होगा. हालांकि अमेरिकी सेना ने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि हेलीकॉप्टर किसी हमले का शिकार हुआ था या नहीं.

ट्रंप का पोस्ट

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि उन्हें सैन्य अधिकारियों से जानकारी मिली है कि ईरानी बलों ने एक अत्याधुनिक AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर को निशाना बनाया. उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर में मौजूद दोनों पायलट सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं पहुंची. इसके बावजूद उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि अमेरिका को इसका जवाब देना आवश्यक होगा.


इससे पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी थी कि मंगलवार तड़के ओमान के तट के पास क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त के दौरान एक अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. सेना ने दुर्घटना के कारणों का खुलासा नहीं किया और कहा कि मामले की जांच जारी है. सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर में मौजूद दोनों कर्मियों को करीब दो घंटे के भीतर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उनकी स्थिति स्थिर है.

इस घटना की एक खास बात यह भी रही कि बचाव अभियान में पहली बार मानवरहित सतह पोत की मदद ली गई. अमेरिकी नौसेना के कॉर्सियर नामक स्वायत्त ड्रोन पोत ने दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर के चालक दल का पता लगाया और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. बाद में उन्हें दूसरे हेलीकॉप्टर के जरिए निकाला गया.

अमेरिकी नौसेना के अधिकारियों ने क्या बताया? 

अमेरिकी नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि कॉर्सियर ड्रोन को उसकी उन्नत क्षमताओं और घटनास्थल के नजदीक होने के कारण चुना गया था. लगभग 24 फुट लंबे इस स्वायत्त पोत को लंबी दूरी तक संचालन और भारी भार वहन करने के लिए डिजाइन किया गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना भविष्य के सैन्य अभियानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वायत्त तकनीकों की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है.

इस बीच ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में दोहराया कि हादसे में किसी भी अमेरिकी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचा है. अपाचे हेलीकॉप्टर अमेरिकी सेना के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में गिने जाते हैं और इनका उपयोग सटीक हमलों, हवाई निगरानी तथा युद्धक्षेत्र में निकटवर्ती सहायता के लिए किया जाता है.

गौरतलब है कि क्षेत्र में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य संसाधनों को पहले भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आती रही हैं. ऐसे में इस ताजा घटना ने एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है.

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