नई दिल्लीः अमेरिका और वेनेजुएला के बीच जारी तनाव के बीच रूस ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के समर्थन का स्पष्ट संकेत दिया है. अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के तट पर एक तेल टैंकर जब्त करने के बाद यह समर्थन और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को मादुरो से टेलीफोन पर बातचीत की और इस दौरान वेनेजुएला के प्रति रूस की पूर्ण समर्थन प्रतिबद्धता दोहराई.
क्रेमलिन के बयान के अनुसार, पुतिन ने मादुरो के साथ हुई बातचीत में वेनेजुएला के लोगों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि बढ़ते बाहरी दबाव और चुनौतियों के बावजूद रूस वेनेजुएला के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए खड़ा है. पुतिन ने मादुरो सरकार की नीतियों का समर्थन करते हुए इसे रूस की सहयोगात्मक नीति के तहत बताया.
यह बातचीत ऐसे समय हुई जब अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल टैंकर को जब्त किया, जिसे ट्रंप प्रशासन द्वारा क्षेत्र में बढ़ते ड्रग्स और तेल से जुड़े विवादों के बीच एक रणनीतिक कदम माना गया. अमेरिका की यह कार्रवाई मादुरो सरकार के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुई और दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया.
रूस ने लंबे समय से वेनेजुएला को राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य समर्थन प्रदान किया है. विशेष रूप से जब अमेरिका ने वेनेजुएला पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए, तब रूस ने मादुरो सरकार के स्थिर रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पुतिन और मादुरो के बीच यह फोन कॉल इस सहयोग की मजबूती का प्रतीक है और संकेत देता है कि रूस अपने सहयोगियों के प्रति वफादार बना हुआ है.
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस का यह समर्थन अमेरिका के लिए एक चुनौती पेश कर सकता है. अमेरिका और रूस के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध हैं और वेनेजुएला जैसी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थिति में रूस का सक्रिय हस्तक्षेप भू-राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा, यह अमेरिका की Latin America नीति पर भी प्रभाव डाल सकता है, जहां वह आर्थिक और सैन्य दबाव के माध्यम से अपने हितों की सुरक्षा करता रहा है.
इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट हो गया है कि रूस अपने सहयोगी देशों के प्रति समर्थन बनाए रखने में गंभीर है. मादुरो सरकार को रूस से मिल रहा यह राजनीतिक और आर्थिक समर्थन उसे अमेरिकी दबाव और क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद अपनी नीतियों को जारी रखने में सक्षम बनाएगा. विशेषज्ञों का कहना है कि रूस और वेनेजुएला का यह गठबंधन न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है.
First Updated : Friday, 12 December 2025