India-Ukraine relations : प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देने के लिए आभार जताया. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि वे भारत और यूक्रेन के बीच मजबूत होते रिश्तों को महत्व देते हैं और यूक्रेनी जनता के लिए शांति, प्रगति और समृद्धि की कामना करते हैं.
जेलेंस्की ने दी थी स्वतंत्रता दिवस की बधाई
आपको बता दें कि जेलेंस्की ने एक दिन पहले, यानी शुक्रवार को भारत को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी थी. उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ भारत की जनता को शुभकामनाएं देते हुए लिखा कि उन्हें इस सप्ताह मोदी से बातचीत का अवसर मिला, जहां उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी बधाई दी.
यूक्रेन की उम्मीदें और भारत की भूमिका
अपने संदेश में जेलेंस्की ने यह भी कहा कि भारत और यूक्रेन, दोनों देश स्वतंत्रता, गरिमा और विकास के लिए संघर्ष के अनुभव को साझा करते हैं. उन्होंने आशा व्यक्त की कि भारत, रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में रचनात्मक भूमिका निभाएगा ताकि यूक्रेन की संप्रभुता और आज़ादी की रक्षा सुनिश्चित की जा सके. जेलेंस्की ने विज्ञान, व्यापार, तकनीक और संस्कृति के क्षेत्र में भारत-यूक्रेन सहयोग की संभावनाओं पर भी विश्वास जताया.
संवाद और कूटनीति से समाधान
अमेरिका के अलास्का में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद भारत ने अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी. विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि भारत इस शिखर सम्मेलन का स्वागत करता है और दोनों नेताओं की शांति के लिए की गई पहल की सराहना करता है. मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि यूक्रेन संकट का हल केवल संवाद और कूटनीति से संभव है.भारत की इस प्रतिक्रिया में यह स्पष्ट किया गया कि वह युद्ध के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देता है और विश्व समुदाय की तरह वह भी यूक्रेन में शीघ्र शांति बहाली देखना चाहता है.
शिखर सम्मेलन, शांति की दिशा में पहला कदम
हालांकि अलास्का में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात में कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, लेकिन दोनों नेताओं ने बैठक को "उत्पादक" बताया. यह शिखर वार्ता भविष्य में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच और बातचीत के रास्ते खोलने के रूप में देखी जा रही है. इस बैठक के बाद भारत की प्रतिक्रिया भी एक सकारात्मक और संतुलित कूटनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें युद्ध से अधिक संवाद को महत्व दिया गया है.
First Updated : Saturday, 16 August 2025