International News: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में बुधवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई जब राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास वाइट हाउस के बाहर अचानक गोलियां चलने लगीं। वहां मौजूद लोग पहले समझ ही नहीं पाए कि क्या हो रहा है, क्योंकि एक युवक सामान्य व्यक्ति की तरह टहलता हुआ आया और फिर अचानक उसने जेब से हैंडगन निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां इतनी नजदीक से चलाई गईं कि वहां तैनात दो नेशनल गार्ड सदस्यों के सिर में चोट लगी। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फायरिंग के तुरंत बाद सुरक्षा बल सक्रिय हुए और पूरे इलाके को घेरकर स्थिति को नियंत्रित किया। आसपास के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया।
घटना के बाद आरोपी को भी जवाबी गोली लगी लेकिन उसकी जान को फिलहाल खतरा नहीं है। एफबीआई ने उसकी पहचान अफगान मूल के 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में की है। रिपोर्ट्स के अनुसार वह 2021 में बाइडन प्रशासन की नीति के तहत अमेरिका आया था। शुरुआती पूछताछ में अधिकारियों को उसके व्यवहार में तनाव और मानसिक दबाव के संकेत मिले हैं, लेकिन अभी तक कोई ऐसा पक्का सबूत नहीं मिला है जो यह बताए कि घटना अचानक हुई या पहले से प्लान की गई थी। फिलहाल उसे कस्टडी में रखा गया है और उससे पूछताछ जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक आरोपी पहले कुछ देर चुपचाप टहलता रहा, फिर वाइट हाउस के एक मोड़ के पास रुककर अचानक हथियार निकाल लिया और लगातार फायरिंग करने लगा। इस हमले का तरीका देखकर माना जा रहा है कि यह टार्गेटेड यानी किसी विशेष उद्देश्य से किया गया अटैक था। हमले के दौरान आसपास मौजूद अन्य सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कुछ ही पलों में आरोपी को काबू कर लिया। यदि सेकंड भर की देर हो जाती तो और भी बड़ी क्षति संभव थी।
DC की मेयर म्यूरिल बाउजर ने कहा कि यह हमला जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है इसलिए जांच उच्च स्तर पर की जा रही है। एफबीआई प्रमुख काश पटेल personally घटनास्थल पहुंचे और पूरी जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से कहा कि अभी स्पष्ट नहीं है कि हमला केवल सुरक्षा अधिकारियों पर था या राष्ट्रपति आवास तक पहुंचने का इरादा भी था। जांच टीम उसके मोबाइल, सोशल मीडिया और हाल की गतिविधियों की गहन पड़ताल कर रही है।
वाइट हाउस जैसे अत्यधिक संवेदनशील स्थल के सामने गोलीबारी ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और मीडिया संस्थानों ने सवाल उठाए हैं कि आखिर कोई व्यक्ति हथियार लेकर इतनी नजदीक कैसे पहुंच गया। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है और पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। बताया जा रहा है कि हमले के वक्त राष्ट्रपति ट्रंप भीतर मीटिंग में थे, लेकिन उन्हें तुरंत सुरक्षित क्षेत्र में भेज दिया गया।
घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी नाराजगी जताई और आरोपी को ‘जानवर’ तक कह डाला। उनका कहना था कि इस तरह के कृत्य करने वालों के साथ सख्ती से निपटना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति व्हाइट हाउस या अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती न दे सके। उन्होंने घायल नेशनल गार्ड्स के परिवारों से सहानुभूति जताई और इलाज में हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
एफबीआई इस मामले की जांच आतंकी हमले की आशंका के तहत कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के मकसद का खुलासा जल्द हो सकता है। अगर यह साबित होता है कि उसने सोची समझी साजिश के तहत हमला किया तो उसे कड़ी सजा मिल सकती है। फिलहाल दोनों घायल सैनिकों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और पूरी अमेरिका की निगाहें उनके ठीक होने पर हैं। इस घटना ने न केवल सुरक्षा एजेंसियों की परीक्षा ली है बल्कि लोगों में डर का माहौल भी पैदा कर दिया है। First Updated : Thursday, 27 November 2025