ब्राजील की राजधानी रियो डी जेनेरियो में अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अभियान ‘ऑपरेशन कंटेंनमेंट’ को अंजाम दिया. इस कार्रवाई में करीब 2,500 पुलिसकर्मी शामिल थे, जिन्होंने शहर के सबसे खतरनाक अपराधियों और ड्रग गैंग्स के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाया.
इस मुठभेड़ के दौरान हुई हिंसा में 64 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल थे. इतनी बड़ी संख्या में हुई मौतों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार उल्लंघन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
रियो डी जेनेरियो के गवर्नर क्लाउडियो कास्त्रो ने बताया कि पुलिस ने इस ऑपरेशन में 60 अपराधियों को ढेर, 81 लोगों को हिरासत में लिया और 42 राइफलें जब्त की हैं. इसके साथ ही 250 से अधिक तलाशी और गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए. यह पूरा अभियान ड्रग तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ चलाया गया था. पुलिस का मुख्य लक्ष्य था कमांडो वर्मेल्हो गैंग. ये ब्राजील का सबसे पुराना और सबसे खतरनाक अपराधी संगठन माना जाता है.
इस गैंग की स्थापना 1970 के दशक में इल्हा ग्रांडे जेल में हुई थी. उस समय जेल में आम अपराधियों के साथ वामपंथी राजनीतिक कैदियों को भी रखा गया था. दोनों समूहों ने मिलकर एक ऐसा संगठन बनाया जिसका उद्देश्य जेल के अंदर अपनी सुरक्षा करना और हिंसा से बचना था. बाद में 1979 में जेल प्रशासन ने इस संगठन को नाम दिया कमांडो वर्मेल्हो, जिसका अर्थ है रेड कमांड.
1980 के दशक तक यह गैंग जेल की दीवारों से निकलकर रियो डी जेनेरियो के गरीब इलाकों में फैल गया. उन्होंने कोकीन और अन्य ड्रग्स के कारोबार पर कब्जा जमा लिया. कोलंबियाई कार्टेल्स और अमेज़न के तस्करों के साथ मिलकर इस गैंग ने ब्राजील में ड्रग्स का विशाल नेटवर्क खड़ा कर लिया. 1985 तक रियो की झुग्गियों में ड्रग व्यापार का 70% नियंत्रण इसी गैंग के पास था.
वर्तमान में इसका सरगना लुइज फर्नांडो दा कोस्टा उर्फ़ ‘फर्नान्डिनहो बेरा-मार’ है, जो जेल से ही पूरे नेटवर्क को संचालित करता है. अनुमान है कि इस गैंग के करीब 30,000 सक्रिय सदस्य पूरे ब्राजील में फैले हैं. यह संगठन न केवल ड्रग्स और हथियारों की तस्करी, बल्कि जबरन वसूली और अपहरण जैसी गतिविधियों में भी शामिल है.
2025 में इस गैंग ने अपराध के लिए डिजिटल रास्ते भी अपनाए. उन्होंने ‘Rotax Mobili’ नामक एक राइड-शेयरिंग ऐप विकसित किया, जिसका इस्तेमाल ड्रग्स की डिलीवरी के लिए किया गया था. बाद में पुलिस ने इस ऐप को बंद कर दिया. First Updated : Wednesday, 29 October 2025