क्यों मीटिंग के लिए चुना गया अलास्का ट्रंप-पुतिन की मुलाकात और रूस का इतिहास

अलास्का में होने वाली राष्ट्रपति ट्रम्प और पुतिन की मुलाकात न केवल सुर्खियां बटोर रही है, बल्कि यह राज्य के रूस के साथ गहरे ऐतिहासिक रिश्तों को भी उजागर करती है. ये संबंध 18वीं शताब्दी से शुरू हुए, जब रूस ने अलास्का पर अपनी छाप छोड़ी थी. उस दौर की कहानियां आज भी इतिहास के पन्नों में जीवंत हैं.

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Trump-Putin Meeting in Alaska: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को अलास्का में मिलने जा रहे हैं. यह मुलाकात न केवल 49वें अमेरिकी राज्य के रूस के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को फिर से सुर्खियों में लाएगी, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच एक नए अध्याय की शुरुआत भी करेगी. अलास्का का रूस से जुड़ाव 18वीं सदी की शुरुआत से रहा है, जब साइबेरियाई फर व्यापारी बेरिंग सागर पार करते थे. आज भी अलास्का में इस ऐतिहासिक संबंध के चिह्न देखे जा सकते हैं. एंकोरेज की सबसे पुरानी इमारत एक रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च है, और कई अलास्का मूल निवासियों के पास रूसी उपनाम हैं. भौगोलिक निकटता इतनी है कि बेरिंग जलडमरूमध्य में स्थित अमेरिका का छोटा डायोमीड द्वीप रूस के बड़े डायोमीड से केवल 5 किलोमीटर दूर है.

अलास्का-रूस संबंधों का इतिहास

अमेरिकी विदेश विभाग के इतिहासकारों के अनुसार, 18वीं और 19वीं सदी में रूसी फर व्यापारियों ने सीताका और कोडियाक द्वीप पर केंद्र स्थापित किए, लेकिन स्थायी रूसी आबादी कभी 400 से अधिक नहीं रही. अलास्का विश्वविद्यालय के इतिहासकार इयान हार्टमैन के अनुसार, रूस मे बसने वालों ने स्थानीय निवासियों को समुद्री ऊदबिलाव और अन्य समुद्री जीवों का शिकार करने के लिए क्रूरता से मजबूर किया था.

1867 में, ऊदबिलाव का शिकार लगभग समाप्त हो चुका था और क्रीमिया युद्ध के बाद रूस आर्थिक रूप से कमजोर हो गया था. जार अलेक्जेंडर द्वितीय ने अलास्का को 7.2 मिलियन डॉलर में अमेरिका को बेच दिया. संशयवादियों ने इस सौदे को अमेरिकी विदेश मंत्री विलियम एच. सीवार्ड के नाम पर सीवार्ड की मूर्खता कहा. हालांकि, 1896 में क्लोंडाइक में सोना मिलने के बाद हालात बदल गए.

चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला 

पिछले वर्ष पेंटागन ने आर्कटिक क्षेत्र में चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए निवेश बढ़ाने की सिफारिश की. इसी दौरान, अमेरिकी क्षेत्र के पास बढ़ते रूसी सैन्य विमानों और जहाजों की गतिविधियों के बीच 130 सैनिकों को एक निर्जन अल्यूशियन द्वीप पर तैनात किया गया.

अलास्का में विश्व के नेताओं की मौजूदगी

पुतिन से पहले भी कई वैश्विक नेता यहां आ चुके हैं. 1971 में जापानी सम्राट हिरोहितो ने राष्ट्रपति निक्सन से मुलाकात की थी, जबकि 1984 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन और पोप जॉन पॉल द्वितीय की ऐतिहासिक मुलाकात हुई थी. 2015 में राष्ट्रपति बराक ओबामा भी यहां पहुंचे और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे को प्रमुखता दी. 2017 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का स्वागत किया गया, जबकि 2021 में अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच यहां काफी तनावपूर्ण वार्ता हुई.

यूक्रेन युद्ध के बाद बदली भावनाएं

2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद अलास्का में रूस के प्रति भावनाएं बिगड़ गईं. एंकोरेज असेंबली ने मगदान के साथ अपनी तीन दशक पुरानी सिस्टर सिटी साझेदारी समाप्त कर दी, और जूनो ने व्लादिवोस्तोक को पत्र भेजकर चिंता जताई.

पुतिन की यात्रा पर विरोध

स्टैंड अप अलास्का समूह ने पुतिन के खिलाफ रैलियों का आयोजन किया है. जो 2018 में अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ चुके हैं, उन्होनें कहा है कि रूस और अमेरिका अब लगभग एक जैसे दिखने लगे हैं. ब्रिटेन के पूर्व राजदूत निगेल गोल्ड-डेविस ने चेतावनी दी, यह कल्पना करना आसान है कि पुतिन ट्रंप से कह सकते हैं, 'देखिए, इलाके तो हाथ बदल सकते हैं. हमने आपको अलास्का दिया, तो यूक्रेन हमें अपने इलाके का एक हिस्सा क्यों नहीं दे सकता? First Updated : Thursday, 14 August 2025