अयातुल्ला खामेनेई के बड़े बेटे को छोड़ मुज्तबा खामेनेई को क्यों चुना गया ईरान का नया सुप्रीम लीडर?

अली खामेनेई की हत्या के 10 दिन बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है. बड़े भाई मोस्तफा खामेनेई को दरकिनार कर मुज्तबा को नेतृत्व सौंपा गया, जिसे ईरान में सत्ता का पहली बार लगभग वंशानुगत ट्रांसफर माना जा रहा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

ईरान में सत्ता के शीर्ष पद को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के करीब दस दिन बाद नए सुप्रीम लीडर का चयन कर लिया गया है. इस पद पर उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नियुक्त किया गया है. ईरान के इतिहास में यह पहली बार माना जा रहा है जब सर्वोच्च नेतृत्व का पद लगभग वंशानुगत तरीके से परिवार के भीतर ही स्थानांतरित हुआ है.

ईरानी संसद के अध्यक्ष ने क्या कहा? 

ईरानी संसद के अध्यक्ष ने कहा है कि देश की राजनीति और व्यवस्था में खामेनेई परिवार की भूमिका आगे भी बनी रहेगी और पूर्व सुप्रीम लीडर की विरासत को कायम रखा जाएगा. उनका कहना है कि देश की वैचारिक दिशा और इस्लामिक गणराज्य की व्यवस्था को उसी मार्ग पर आगे बढ़ाया जाएगा, जिस पर अब तक नेतृत्व चलता रहा है.

दिलचस्प बात यह है कि खामेनेई परिवार के बड़े बेटे मोस्तफा खामेनेई को इस पद के लिए गंभीरता से विचार में भी नहीं लिया गया. जबकि वे भी लंबे समय से ईरान की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय माने जाते हैं. कई इस्लामिक देशों में परंपरा के अनुसार बड़े बेटे को उत्तराधिकारी माना जाता है. इसलिए यह सवाल उठ रहा है कि आखिर उन्हें दरकिनार कर छोटे बेटे मुज्तबा को क्यों चुना गया.

मुज्तबा खामेनेई का जन्म 1969 में हुआ था. उस समय ईरान में इस्लामिक क्रांति का दौर चल रहा था और उनके पिता राजनीतिक संघर्ष में सक्रिय थे. मुज्तबा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मशहद के धार्मिक मदरसों में प्राप्त की. किशोरावस्था के दौरान ही वे सेना से जुड़े और ईरान-इराक युद्ध में भाग लिया. इस युद्ध से जुड़ा उनका एक पुराना वीडियो भी हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.

जब अली खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर बने, तब मुज्तबा धीरे-धीरे उनके कार्यालय से जुड़ते चले गए. कई वर्षों तक वे अनौपचारिक रूप से प्रशासनिक और राजनीतिक मामलों में भूमिका निभाते रहे. वर्ष 2022 में उन्हें आधिकारिक तौर पर सुप्रीम लीडर के कार्यालय में जिम्मेदारी दी गई, जहां उनका काम विभिन्न सरकारी और धार्मिक संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना था.

मुज्तबा को चुनने के पीछे कई कारण

विशेषज्ञों के अनुसार मुज्तबा को चुनने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं. पहला, उनके पास सैन्य अनुभव है और उनका संबंध इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर से जुड़ा रहा है. दूसरा, वे लंबे समय से सत्ता के आंतरिक तंत्र और निर्णय प्रक्रिया से परिचित हैं. तीसरा, उन्हें अपने पिता की तरह सख्त और कट्टर विचारों वाला नेता माना जाता है.

कहा जाता है कि 2009 और 2022 में हुए विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी. इसी वजह से ईरान की सत्ता संरचना में मौजूद कई प्रभावशाली समूहों का समर्थन उन्हें मिला, जिसने अंततः उन्हें देश का नया सुप्रीम लीडर बना दिया.

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