नई दिल्ली: अभिनेत्री जेनेलिया डिसूजा ने अपने खान-पान के बदलाव और शाकाहारी जीवनशैली अपनाने की कहानी खुलकर साझा की है. मांसाहारी परिवार में पली-बढ़ी जेनेलिया ने धीरे-धीरे शाकाहार अपनाया और अंततः वीगन बन गईं. इस सफर में उनके निर्णय व्यक्तिगत स्वास्थ्य, मातृत्व और पर्यावरण के प्रति जागरूकता से प्रेरित रहे.
सोहा अली खान के यूट्यूब चैनल पर 2 जनवरी को हुए पॉडकास्ट में जेनेलिया ने बताया कि यह बदलाव न तो अचानक हुआ और न ही किसी फैशन या चलन के कारण. यह उनके जीवन के अनुभव और सीखने की प्रक्रिया का परिणाम था.
जेनेलिया ने खुलासा किया कि उन्होंने 2017 में मांसाहार छोड़ दिया, लेकिन उस समय डेयरी उत्पाद, पनीर और अंडों का सेवन जारी रखा. उन्होंने कहा, "लोग कहते हैं कि इससे एक आध्यात्मिक अवस्था प्राप्त होती है, और मेरे साथ भी शुरुआत में यही हुआ. शाकाहारी बनने की ओर मेरा पहला कदम स्वार्थी था क्योंकि मुझे लगा कि इस तरह का जीवन मेरे स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगा."
उनका पालन-पोषण एक मांसाहारी परिवार में हुआ था और शुरुआत में शाकाहारी विकल्पों के बारे में उन्हें कम जानकारी थी. धीरे-धीरे उन्होंने विभिन्न शाकाहारी विकल्पों के बारे में जाना और अनुभव किया कि भोजन के बाद हल्का महसूस करना उनके लिए स्वास्थ्य और अनुशासन का नया आयाम लेकर आया.
जेनेलिया ने बताया कि मातृत्व और जानवरों के प्रति प्रेम ने उनके खान-पान के विकल्पों को और प्रभावित किया. उन्होंने कहा, "मैं जानवरों से बहुत प्यार करती हूँ, लेकिन पहले मुझे मांस खाना भी पसंद था. शाकाहारी बनने के बाद मुझे एहसास हुआ कि यह कई चीजों से जुड़ा है. उनमें से एक थी बच्चे होना; मैं नहीं चाहती थी कि उन्हें किसी भी तरह का नुकसान पहुँचे."
उन्होंने आगे कहा कि शाकाहारी जीवन ने उन्हें जीवन में अधिक अनुशासन और सचेत रूप से जीने की प्रेरणा दी.
जेनेलिया ने खुलासा किया कि 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने पूरी तरह से शाकाहारी जीवन अपनाया. इस फैसले के पीछे उनके पति रितेश देशमुख का भी योगदान था. रितेश ने 2016 में मांसाहार छोड़ दिया था और महामारी के दौरान उन्होंने जेनेलिया को भी पशु उत्पादों को पूरी तरह से छोड़ने का सुझाव दिया.
जेनेलिया ने कहा, "घर पर रहने से मुझे यह बदलाव अपनाने का मौका मिला. मैंने महसूस किया कि दूध या मक्खन की थोड़ी मात्रा भी मुझे भारीपन देती है. इससे मैं रोज़ाना अपने भोजन के प्रति अधिक सचेत हो गई."
जेनेलिया ने बताया कि उनका यह निर्णय पहले स्वास्थ्य कारणों से प्रेरित था, लेकिन धीरे-धीरे यह पर्यावरण और पशु कल्याण के प्रति जागरूकता में बदल गया. उन्होंने स्वीकार किया कि उनका सफर परिपूर्ण नहीं रहा और वह लगातार सीखती और सुधार करती रहती हैं.
उन्होंने कहा, "मैंने पहले साल में सब कुछ सही नहीं किया, और मैं अभी भी परिपूर्ण नहीं हूं, लेकिन मैं हर दिन सीखने की कोशिश करती हूं. यह बदलाव मुझे अधिक जागरूक और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने में मदद करता है." First Updated : Sunday, 04 January 2026