पंजाब वासियों को भगवंत मान सरकार का बड़ा तोहफा, राज्य में बनेंगे 10 लाख नए राशन कार्ड
पंजाब सरकार ने राज्य में खाद्य सुरक्षा को और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि राज्य में 'न कैश, न सिफारिश' के सिद्धांत पर आधारित एक नई तकनीक-संचालित प्रणाली के माध्यम से 10 लाख नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे.

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने राज्य में खाद्य सुरक्षा को और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की है कि राज्य में 'न कैश, न सिफारिश' के सिद्धांत पर आधारित एक नई तकनीक-संचालित प्रणाली के माध्यम से 10 लाख नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे. इस कदम का मुख्य उद्देश्य बिना किसी भ्रष्टाचार, राजनीतिक दबाव या बिचौलियों के वास्तविक जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. राज्य सरकार के इस फैसले के तहत नए राशन कार्ड बनवाने और मौजूदा कार्डों में परिवार के नए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए आवेदन प्रक्रिया 22 जुलाई से आधिकारिक रूप से शुरू हो रही है. योजना के अंतर्गत समाज के वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाएगी.
10 लाख लाभार्थियों का दायरा
पंजाब सरकार की इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत जारी किए जाने वाले 10 लाख राशन कार्डों का स्पष्ट वर्गीकरण किया गया है. हाल के वर्षों में खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में इसे राज्य का सबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है. इस निर्णय से राज्य के एक विशाल श्रमिक वर्ग को पहली बार औपचारिक खाद्य सुरक्षा आवरण के तहत सुरक्षा प्रदान की जा सकेगी.
7 लाख नए पात्र परिवार: इसमें नए आवेदकों के साथ-साथ वे परिवार शामिल होंगे जो अपने राशन कार्ड में नए सदस्यों का नाम दर्ज कराना चाहते हैं.
3 लाख ई-श्रम व प्रवासी मजदूर: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य में काम कर रहे 3 लाख ई-श्रम पंजीकृत और प्रवासी श्रमिकों को सीधे इस योजना के दायरे में लाया जाएगा.
'मेरी रसोई पौष्टिक किट'
पंजाब सरकार ने खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पोषण सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया है. राशन कार्ड पाने वाले लाभार्थी को हर महीने 5 किलो मुफ्त गेहूं दिया जाएगा. इसके साथ ही 'मेरी रसोई पौष्टिक किट' भी दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में 'मेरी रसोई' योजना के तहत पहले से ही 32 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं. नए 10 लाख लाभार्थियों के जुड़ने से राज्य की एक बड़ी आबादी को सीधे पोषण सहायता मिलेगी.
निष्पक्ष चयन के लिए अंक-आधारित व्यवस्था
अतीत में राशन कार्ड आवंटन में लगने वाले पक्षपात और भ्रष्टाचार के आरोपों को समाप्त करने के लिए सरकार ने एक अंक-आधारित मूल्यांकन प्रणाली तैयार की है. इसके तहत समाज के सर्वाधिक संवेदनशील वर्गों को अंक तालिका में प्राथमिकता दी जाएगी.
प्राथमिकता श्रेणी: विधवाएं, दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक, और गरीबी रेखा से नीचे (BPL) रहने वाले परिवार.
विशेष परिस्थितियां: गंभीर बीमारियों से पीड़ित सदस्यों वाले परिवार, कच्चे मकानों में रहने वाले लोग तथा अत्यंत कम आय वाले श्रमिक.
इस प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सूची में सबसे ऊपर उन्हीं आवेदकों का नाम आए, जिन्हें सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता है.
जियो-टैगिंग से फर्जीवाड़े पर रोक
पारंपरिक मैनुअल प्रक्रिया को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. नई प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है. आवेदकों के घरों का भौतिक सत्यापन जियो-टैग और समय-मुहर आधारित निरीक्षण के जरिए होगा. आवेदन में दी गई जानकारी का मिलान सरकारी डाटाबेस से एपीआई तकनीक के माध्यम से किया जाएगा. प्रत्येक स्वीकृति या अस्वीकृति का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा. जिससे अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय होगी.
आवेदन कैसे करें
आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल बनाया गया है. आवेदक कई माध्यमों से अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं. नागरिक अपने नजदीकी जन सेवा केंद्रों पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के होमपेज पर उपलब्ध डायरेक्ट लिंक के माध्यम से घर बैठे आवेदन किया जा सकता है. जमा होते ही आवेदक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक SMS प्राप्त होगा. इसके माध्यम से वे अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे.
पुरानी व्यवस्था पर प्रहार
संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान कल्याणकारी योजनाओं और राशन कार्डों का वितरण राजनीतिक संरक्षण और चहेतों को लाभ पहुंचाने के आधार पर होता था, जिससे वास्तविक गरीब वंचित रह जाते थे. मुख्यमंत्री ने कहा, जिस प्रकार आज पंजाब में सरकारी नौकरियां बिना पैसे और बिना सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर मिल रही हैं, ठीक उसी प्रकार राशन कार्ड भी किसी सिफारिश या रिश्वत के बिना जारी किए जाएंगे. तकनीक के प्रयोग से हमने प्रणाली से बिचौलियों को पूरी तरह बाहर कर दिया है. यह पहल पंजाब में नागरिक केंद्रित शासन, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है.


