उत्तर भारत में तेज़ गर्मी के साथ बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है. दिल्ली और राजस्थान में बढ़ते तापमान के कारण हीटस्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 19 अप्रैल से भीषण लू चलने की संभावना है. इस गर्मी से बचने के लिए विशेषज्ञों ने हीटस्ट्रोक से निपटने के उपायों पर जोर दिया है, क्योंकि यह एक गंभीर चिकित्सा स्थिति हो सकती है.
अगर किसी व्यक्ति को गर्मी में बेहोशी हो जाती है, तो तुरंत कुछ कदम उठाए जाने चाहिए, क्योंकि यह स्थिति जीवन को संकट में डाल सकती है. सबसे पहला कदम है, यह सुनिश्चित करना कि क्षेत्र सुरक्षित है और फिर आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें. गर्मी के प्रभाव से बेहोश होना हीटस्ट्रोक का संकेत हो सकता है. इसे किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
इसके बाद, व्यक्ति को छायादार या ठंडे स्थान पर ले जाएं. अगर घर के अंदर हैं तो पंखे या एसी का उपयोग करें. यदि बाहर हैं तो छतरी, तिरपाल या किसी भी माध्यम से छाया प्रदान करें. व्यक्ति को शांतिपूर्ण तरीके से लेटाकर उसके पैरों को थोड़े ऊपर उठाएं ताकि रक्त प्रवाह मस्तिष्क तक सही तरीके से पहुंच सके.
अब, मुख्य उद्देश्य शरीर के तापमान को जल्दी से कम करना है. इसके लिए व्यक्ति के शरीर को ठंडा करने के विभिन्न उपाय अपनाए जा सकते हैं. जैसे कि अतिरिक्त कपड़े हटाकर त्वचा को उजागर करना और शरीर के उन हिस्सों पर ठंडे गीले कपड़े रखना, जहां रक्त वाहिकाएं करीब होती हैं, जैसे कि गर्दन, बगल और कमर. साथ ही, पंखे की मदद से वाष्पीकरण शीतलन को बढ़ावा देने के लिए पानी छिड़कते हुए हवा करें. बर्फ की पट्टियां भी शरीर के विभिन्न हिस्सों पर रखी जा सकती हैं, लेकिन ध्यान रखें कि अचानक बहुत ठंडा पानी या बर्फ़ का उपयोग शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है.
हीटस्ट्रोक के दौरान, तुरंत राहत प्रदान करने से व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है. यह समय पर की गई कार्रवाई पर निर्भर करता है. इसलिए घबराए बिना सही उपायों को अपनाना बेहद महत्वपूर्ण है. First Updated : Tuesday, 15 April 2025