नई दिल्ली: लव बाइट या हिक्की को आजकल कपल्स के बीच प्यार जाहिर करने का एक आम तरीका माना जाता है. इंटीमेसी के दौरान गर्दन, कंधे या शरीर के किसी हिस्से पर लंबे समय तक दबाव या चूसने की वजह से त्वचा पर लाल या बैंगनी रंग का निशान बन जाता है, जिसे हिक्की कहा जाता है. लेकिन आमतौर पर यह निशान कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाता है पर कई मामलों में यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा भी बन सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश लव बाइट नुकसानदायक नहीं होते और समय के साथ इनके निशान गायब हो जाते हैं. हालांकि अगर निशान का रंग गहरा बैंगनी हो जाए, दर्द लगातार बना रहे या सूजन बढ़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. बता दें, ऐसे लक्षण किसी अंदरूनी चोट का संकेत हो सकते हैं.
डॉक्टरों का कहना है कि गर्दन के आसपास मौजूद ब्लड वैसील्स पर अधिक दबाव पड़ने से समस्या पैदा हो सकती है. बता दें, गर्दन में स्थित कैरोटिड आर्टरी दिमाग तक ऑक्सीजन और रक्त पहुंचाने का काम करती है. वहीं अगर इस पर अत्यधिक दबाव पड़े, तो रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति का खतरा बढ़ जाता है.
इतना ही नहीं कुछ मामलों में कैरोटिड धमनी की अंदरूनी परत को भी नुकसान पहुंच सकता है. इससे रक्त का थक्का बनने की आशंका रहती है. यह थक्का रक्त प्रवाह के जरिए दिमाग तक पहुंच जाए तो ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है. वहीं इसके लक्षणों में अचानक चक्कर आना, शरीर के किसी हिस्से का सुन्न पड़ना, बोलने में परेशानी या बेहोशी शामिल होते है.
फट सकते है ब्लड वैसील्स
इसके साथ ही एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि अत्यधिक दबाव के कारण छोटी रक्त वाहिकाएं फट सकती हैं, जिससे अंदरूनी रक्तस्राव और अन्य जटिलताएं पैदा हो सकती हैं. हालांकि ऐसे मामले बेहद कम देखने को मिलते हैं, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है.
अगर हिक्की का निशान बन जाए, तो शुरुआती दो से तीन दिनों तक बर्फ से सिकाई करने से सूजन और दर्द कम हो सकता है. इसके बाद हल्की गर्म सिकाई से रक्त संचार बेहतर होता है और निशान जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है. वहीं अगर दर्द, सूजन या निशान लंबे समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. First Updated : Wednesday, 10 June 2026