नई दिल्ली: पीरियड्स के दौरान हाइजीन को लेकर महिलाओं में सबसे ज्यादा भ्रम इस बात को लेकर रहता है कि कौन-सा पीरियड प्रोडक्ट कितनी देर तक सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है. कई बार पैड गंदा न दिखे तो महिलाएं उसे बदलने में देर कर देती हैं, वहीं कुछ महिलाएं टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप को लेकर भी उलझन में रहती हैं. इसी विषय पर आज हम बताएंगे कि एक्सपर्ट का इसपर क्या राय होता है.
डॉक्टर के अनुसार, समय पर प्रोडक्ट न बदलने से इंफेक्शन, बदबू और रैशेज का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि कौन-सा विकल्प कितना सुरक्षित है और कितनी देर तक इस्तेमाल किया जाना चाहिए.
डॉक्टर के मुताबिक, पैड पूरी तरह गंदा न भी हुआ हो, फिर भी उसे हर 4–6 घंटे में बदल देना चाहिए. इससे बैक्टीरिया की ग्रोथ कम होती है, बदबू नहीं आती और रैशेज या इंफेक्शन का खतरा भी घटता है. अगर ब्लीडिंग ज्यादा हो, तो हर 2–3 घंटे में पैड बदलना बेहतर माना जाता है.
कई महिलाएं आज भी कपड़े के पैड का इस्तेमाल करती हैं. डॉक्टर के अनुसार कपड़े के पैड भी 4–6 घंटे से ज्यादा नहीं रखने चाहिए. धोकर अच्छी धूप में सुखाना जरूरी है ताकि कीटाणु न रह जाएं.
डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि टैम्पोन को कभी भी 8 घंटे से ज्यादा इस्तेमाल न करें. बहुत देर एक ही टैम्पोन रखने से Toxic Shock Syndrome (TSS) का खतरा बढ़ जाता है, जो गंभीर इंफेक्शन हो सकता है.
डॉक्टर के अनुसार, मेंस्ट्रुअल कप को 8–12 घंटे के भीतर खाली कर साफ कर लेना चाहिए. अगर फ्लो अधिक है, तो इसे इससे पहले निकालकर धोना जरूरी है ताकि हाइजीन बनी रहे.
डॉक्टर बताते हैं कि पीरियड पैंटी को भी पूरा दिन पहनना ठीक नहीं है. इसे 8–10 घंटे में बदल देना चाहिए ताकि सफाई बनी रहे और स्किन को कोई नुकसान न हो.
एक्सपर्ट कहते है कि पीरियड्स में साफ-सफाई सबसे जरूरी है. चाहे पैड हो या टैम्पोन, मेंस्ट्रुअल कप या पीरियड पैंटी हर प्रोडक्ट को सही समय पर बदलना आपकी हाइजीन के लिए ही नहीं, बल्कि आपकी समग्र हेल्थ के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है.
First Updated : Thursday, 11 December 2025