ऑफिस में प्यार फिर ब्रेकअप का दर्द, जानिए इस मुश्किल दौर से कैसे बाहर निकलें

कॉर्पोरेट जगत में काम करते करते प्यार हो जाए और फिर अचानक वो प्यार ब्रेकअप में बदल जाए तो खुद को कैसे संभाले. यहां जानिए आप कैसे खुद को संभाल सकते है.

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नई दिल्ली: दिल्ली की रहने वाली पायल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. एक निजी कंपनी में कार्यरत पायल जब कॉर्पोरेट जगत में कदम रख रही थीं तो उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने करियर पर था. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. दफ्तर में काम के दौरान उनकी मुलाकात एक कलीग से हुई.

दोनों के बीच कैसे बढ़ी नजदीकियां

शुरुआत में दोनों के बीच की बातचीत केवल प्रोजेक्ट्स, डेडलाइंस और काम तक ही सीमित थी. लेकिन साथ में काम करते-करते कब दोनों की औपचारिक बातचीत व्यक्तिगत जिंदगी, सुख-दुख और पसंद-नापसंद में बदल गई, उन्हें पता ही नहीं चला. 

कैसे बीतता था पूरा दिन

लंच ब्रेक एक साथ बिताना, कॉफी कप के बहाने छोटी-छोटी बातों पर ठहाके लगाना अब उनकी रोजमर्रा की आदत बन चुकी थी. नतीजा यह हुआ कि जिस दफ्तर में जाने से पायल पहले कतराती थीं, अब उसी ऑफिस जाने के लिए उनका मन मचलने लगा था. दिलचस्प बात यह है कि कार्यस्थल पर पनपने वाला यह रोमांस कोई इकलौता मामला नहीं है.

ऑफिस रोमांस को बढ़ावा कैसे मिला

मशहूर करियर प्लेटफॉर्म 'जेटी' द्वारा किए गए एक हाल के सर्वे के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. सर्वे के मुताबिक, लगभग 86 प्रतिशत कर्मचारियों का मानना है कि रिमोट वर्क या हाइब्रिड वर्किंग मॉडल ने ऑफिस रोमांस और आपसी जुड़ाव को कहीं ज्यादा बढ़ावा दिया है.

जब बदली कहानी की दिशा

पायल की यह खूबसूरत दास्तान हमेशा एक जैसी नहीं रही. वक्त के साथ काम का बढ़ता दबाव, दोनों की अलग-अलग सोच और कुछ अनसुलझी गलतफहमियों ने हंसते-खेलते रिश्ते में दरार पैदा कर दी. आखिरकार, दोनों का ब्रेकअप हो गया. इस अलगाव के दर्द और तनाव ने पायल के मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत गहरा और बुरा असर डाला.

ब्रेकअप के बाद खुद को कैसे संभाला

एक ही छत के नीचे रहकर ब्रेकअप को संभालना पायल के लिए किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं था. पायल बताती हैं, ब्रेकअप के बाद सबसे ज्यादा तकलीफदेह यह देखना था कि मेरा पूर्व पार्टनर ऑफिस में दूसरी लड़कियों से हंसकर बात कर रहा है. उसे किसी और के साथ देखकर मेरे भीतर एक ही समय पर ईर्ष्या, गुस्सा और बेबसी का सैलाब उमड़ पड़ता था.

तनाव से उबरने का सफर

कई दिनों तक इस मानसिक कशमकश से जूझने के बाद पायल को अहसास हुआ कि वह अपनी पूरी सकारात्मक ऊर्जा उस इंसान पर बर्बाद कर रही हैं जो अब उनकी जिंदगी का हिस्सा ही नहीं है. उन्होंने खुद से एक कड़ा सवाल पूछा आखिर कब तक मैं इस दुख को पकड़कर खुद को चोट पहुंचाती रहूंगी? पायल ने खुद को संभालने के लिए अपनी जीवनशैली में कुछ ठोस और व्यावहारिक बदलाव किए.

रोने के बजाय क्या करती थी

ऑफिस से घर लौटकर रोने के बजाय उन्होंने दोबारा किताबें पढ़नी शुरू कीं. वीकेंड्स पर घर में कैद रहने के बजाय उन्होंने नई जगहों पर जाना और पुराने दोस्तों के साथ वक्त बिताना शुरू किया. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह था कि उन्होंने पूर्व पार्टनर की सोशल मीडिया प्रोफाइल को बार-बार 'स्टॉक' करना और उसकी हर नई तस्वीर या स्टेटस अपडेट देखना पूरी तरह बंद कर दिया. First Updated : Saturday, 06 June 2026