नई दिल्ली: रसोई में मौजूद कई सब्जियां ऐसी होती हैं, जिन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. जैसे चुकंदर, आंवला और शकरकंद. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सब्जियों में छिपे पोषक तत्व हमारी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं? खासतौर पर शकरकंद जो सर्दियों में बाजारों में आसानी से मिल जाता है, विटामिन और फाइबर का ऐसा स्रोत है जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है.
सर्दी के मौसम में मिलने वाला यह स्वादिष्ट और सस्ता फूड आइटम न सिर्फ एनर्जी देता है, बल्कि पाचन से लेकर दिल की सेहत और दिमाग की कार्यक्षमता तक को बेहतर बनाता है. आइए जानते हैं कि रोजाना शकरकंद खाने से शरीर को कौन-कौन से फायदे मिलते हैं और किन लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए.
सर्दी शुरू होते ही बाजारों में शकरकंद की भरमार देखने को मिलती है. आमतौर पर लोग इसे भुनी हुई या चाट के रूप में ही खाते हैं, लेकिन यह जितना स्वादिष्ट है, उतना ही पौष्टिक भी. विटामिन, मिनरल्स और ऐंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर शकरकंद को ‘विंटर सुपरफूड’ कहा जाना बिल्कुल सही है. पोषण और एनर्जी के मामले में यह किसी महंगी सप्लीमेंट गोली से कम नहीं है.
शकरकंद में प्राकृतिक फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और पाचन को दुरुस्त करता है. यह कब्ज की समस्या को कम करता है और वजन नियंत्रित रखने में मददगार होता है. शाम के स्नैक या सुबह के नाश्ते में इसे शामिल करना फायदेमंद माना जाता है.
शकरकंद में विटामिन A, B6, C और मैंगनीज जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. विटामिन A आंखों की रोशनी बढ़ाने के साथ इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है, जबकि विटामिन C सर्दी-जुकाम से सुरक्षा देता है. इसका गहरा रंग बीटा-कैरोटीन की अधिकता दर्शाता है, जो इसे और भी पौष्टिक बनाता है.
शकरकंद में मौजूद ऐंटीऑक्सीडेंट्स दिमाग को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाते हैं, जिससे याददाश्त मजबूत होती है और मानसिक कार्यक्षमता बढ़ती है. रिसर्च के मुताबिक, बैंगनी शकरकंद में पाए जाने वाले बायोएक्टिव कंपाउंड्स अल्जाइमर जैसी बीमारियों से भी बचाव कर सकते हैं.
शकरकंद स्लो-रिलीज कार्बोहाइड्रेट्स का स्रोत है, जो शरीर में धीरे-धीरे एनर्जी छोड़ते हैं. इससे ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है और अचानक थकान महसूस नहीं होती. इसलिए यह जिम जाने वालों, स्टूडेंट्स और एक्टिव रहने वालों के लिए परफेक्ट एनर्जी फूड है.
शकरकंद में पोटैशियम और ऐंटीऑक्सीडेंट्स की प्रचुर मात्रा होती है, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और हार्ट हेल्थ सुधारने में मदद करते हैं. पोटैशियम शरीर में सोडियम के असर को संतुलित करता है और सूजन कम करने में सहायक होता है.
हालांकि शकरकंद आलू जैसा दिखता है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मीडियम होता है. इसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढ़ाता. डायबिटीज के मरीज इसे उबालकर या ग्रिल करके सीमित मात्रा में खा सकते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
उबालकर या भूनकर
चाट या टिक्की बनाकर
सूप या स्मूदी में
सलाद में क्यूब्स डालकर
शकरकंद में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, इसलिए गैस, ब्लोटिंग या कब्ज की समस्या वाले लोगों को इसे सीमित मात्रा में खाना चाहिए. अधिक सेवन से ब्लड शुगर स्पाइक या किडनी स्टोन का खतरा भी हो सकता है, क्योंकि इसमें ऑक्सलेट पाया जाता है. First Updated : Saturday, 08 November 2025