Pesticides Fruits: फलों को हमेशा से हेल्दी खानपान का अहम हिस्सा माना जाता है. ये न सिर्फ पोषण का बेहतरीन स्रोत होते हैं बल्कि एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन से भरपूर होने के कारण हमारी इम्यूनिटी को भी मजबूत करते हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या आज के फल वास्तव में उतने ही सेहतमंद हैं. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के मुताबिक आजकल बाजार में मिलने वाले ज्यादातर फलों में खतरनाक कीटनाशक और केमिकल्स पाए जाते हैं. कुछ फलों में तो इनकी मात्रा 80 से 99 प्रतिशत तक होती है जो हमारी सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह होते हैं. तो चलिए जानते हैं कौन से फल सबसे ज्यादा पेस्टीसाइड्स से भरे होते हैं.
डॉक्टर्स के अनुसार स्ट्रॉबेरी इस लिस्ट में सबसे ऊपर आती है. इसमें करीब 99% तक कीटनाशक पाए जाते हैं. चूंकि यह फल बेहद नर्म और सॉफ्ट होता है इसलिए इसे कीड़े और फंगस जल्दी नुकसान पहुंचा देते हैं. यही कारण है कि इसमें सबसे ज्यादा कीटनाशकों का इस्तेमाल किया जाता है.
दूसरे नंबर पर है अंगूर. अंगूर का आकार छोटा और छिलका पतला होता है. इसी वजह से इसमें छिड़के गए केमिकल और पेस्टीसाइड्स सीधे फल के अंदर तक चले जाते हैं. डॉक्टर के अनुसार अंगूर में मौजूद ये कीटनाशक लंबे समय तक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं.
चेरी भी इस खतरनाक लिस्ट का हिस्सा है. यह नर्म फल जल्दी खराब हो जाता है इसलिए इसमें भी भारी मात्रा में कीटनाशक डाले जाते हैं. डॉक्टर्स कहते हैं कि चेरी में पेस्टीसाइड का स्तर भी काफी अधिक होता है.
सेब को हेल्दी फल मानकर अक्सर 'हर रोज एक सेब, डॉक्टर दूर' की कहावत दोहराई जाती है. लेकिन हकीकत यह है कि सेब की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए इसमें कीटनाशक और प्रिजर्वेटिव्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. ऐसे में यह सेहत को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान कर सकता है.
ब्लूबेरी अपने एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी गुणों के लिए मशहूर है लेकिन यह भी कीटनाशकों से दूर नहीं है. डॉक्टर्स कहते हैं कि ब्लूबेरी में पेस्टीसाइड्स की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जिससे इसके प्राकृतिक लाभ कमजोर पड़ जाते हैं.
डॉक्टर्स कहते हैं कि अगर संभव हो तो हमेशा ऑर्गेनिक फल खरीदें. अगर सामान्य फल ले रहे हैं तो उन्हें खाने से पहले अच्छी तरह साफ करना बेहद जरूरी है. गुनगुने पानी में दो चम्मच सिरका और आधा चम्मच नमक डालें. फलों को 10 मिनट तक इसमें भिगोकर रखें. इसके बाद फलों को रगड़कर साफ पानी से धो लें और तभी खाएं. First Updated : Tuesday, 02 September 2025