नई दिल्ली: रोटी भारतीय थाली का अभिन्न अंग है, जो सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक हर घर में जगह बनाती है. गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी या जौ- हर तरह के आटे से बनी रोटी दाल, सब्जी या करी के साथ मिलकर संतुलित आहार का आधार बन जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर रोटी हर मौसम में उतनी ही लाभकारी नहीं होती? आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, मौसम के अनुसार रोटी का चुनाव करने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है, पाचन बेहतर होता है और मौसमी बीमारियों से बचाव मिलता है.
आज हम आपको बताएंगे कि किस मौसम में कौन सी रोटी सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होती है और इसके पीछे क्या वैज्ञानिक व आयुर्वेदिक कारण हैं. आइए जानते हैं मौसमानुसार रोटी का सही चुनाव कैसे करें.
बाजरे की रोटी सर्दियों के ठंडे मौसम के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो शरीर को अंदर से गर्म रखती है और ठंड लगने से बचाती है. बाजरे में आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर की भरपूर मात्रा होती है. यह इम्यूनिटी को मजबूत करती है, खून की कमी दूर करने में सहायक होती है और ठंडी-सूखी हवा से होने वाली सांस की समस्याओं से सुरक्षा प्रदान करती है.
मक्के की रोटी भी सर्दियों का सबसे पसंदीदा और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है. इसकी गर्म तासीर शरीर को ठंड से बचाती है और अंदरूनी गर्मी बनाए रखती है. मक्के में बी-विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं. साथ ही ठंडी हवा और सूखे मौसम से त्वचा को होने वाले नुकसान से भी बचाव करते हैं.
रागी की रोटी गर्मियों के लिए आदर्श मानी जाती है. इसकी ठंडी तासीर शरीर को अतिरिक्त गर्मी से राहत देती है और लू से बचाती है. रागी में कैल्शियम और आवश्यक अमीनो एसिड भरपूर होते हैं, जो पसीने से होने वाले मिनरल्स के नुकसान की भरपाई करते हैं. यह एसिडिटी, डिहाइड्रेशन और गर्मी से होने वाली थकान को भी कम करती है.
चावल के आटे से बनी रोटी गर्मियों में बहुत हल्की और पचने में आसान होती है. इसकी ठंडी प्रकृति शरीर को शीतलता प्रदान करती है और गर्मी के मौसम में पेट को ठंडक देती है. यह लंबे समय तक भूख नहीं लगने देती और पाचन तंत्र को सुचारु रखती है.
जौ के आटे की रोटी गर्मियों के उमस भरे मौसम के लिए उत्तम विकल्प है. इसकी ठंडी तासीर बॉडी टेम्परेचर को नियंत्रित रखती है. फाइबर से भरपूर होने के कारण यह पाचन को बेहतर बनाती है और गर्मी में होने वाली गैस, भारीपन तथा अपच की समस्या को दूर करती है. First Updated : Tuesday, 03 February 2026