अपरा एकादशी 2026: तुलसी पूजा से मिलेगा धन-समृद्धि का आशीर्वाद, जानें सही विधि और जरूरी नियम

अपरा एकादशी 2026 पर तुलसी पूजा का विशेष महत्व माना गया है. इस दिन तुलसी माता को केसर अर्पित कर विधि-विधान से पूजा करने पर मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. मान्यता है कि इससे पापों का नाश होता है, धन-धान्य बढ़ता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली अपरा एकादशी को सनातन धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. इस एकादशी को अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. वर्ष 2026 में अपरा एकादशी का व्रत 13 मई को रखा जाएगा. इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और तुलसी जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है.

धार्मिक मान्यता है कि अपरा एकादशी का व्रत और विधिपूर्वक तुलसी पूजन करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. खास बात यह है कि एकादशी पर तुलसी को स्पर्श करना सामान्यतः वर्जित माना जाता है, लेकिन नियमों का पालन करते हुए पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं.

अपरा एकादशी 2026 की तिथि और शुभ समय

पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 12 मई 2026 को दोपहर 2:52 बजे से शुरू होगी और 13 मई 2026 को दोपहर 1:29 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर अपरा एकादशी का व्रत 13 मई को रखा जाएगा. मान्यता है कि इस दिन तुलसी पूजन करने से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा से घर में धन-संपत्ति का वास होता है.

अपरा एकादशी पर तुलसी पूजा की विधि

अपरा एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और स्वच्छ पीले या सफेद वस्त्र धारण करें. इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर गंगाजल का छिड़काव करें. सबसे पहले भगवान विष्णु की पूजा करें और उनके भोग में तुलसी दल अवश्य अर्पित करें. फिर तुलसी के पौधे के सामने घी का दीपक जलाएं.

तुलसी जी की 5, 7 या 11 बार परिक्रमा करें.

  • 'ॐ तुलस्यै नमः' मंत्र का जाप करें.

  • अंत में तुलसी जी की आरती उतारें.

  • धन प्राप्ति के लिए करें ये विशेष उपाय

अपरा एकादशी के दिन तुलसी के पौधे में केसर अर्पित करना बेहद शुभ माना गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं. इसके अलावा तुलसी के पास घी का दीपक जलाकर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं.

तुलसी पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

अपरा एकादशी पर तुलसी जी को जल अर्पित नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन तुलसी माता भी भगवान विष्णु के लिए व्रत रखती हैं.

एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए.
तुलसी दल दशमी तिथि को पहले से तोड़कर रख लें.
पूजा के समय काले वस्त्र पहनने से बचें.
तुलसी के आसपास गंदगी या जूठे बर्तन न रखें.
तुलसी जी को हमेशा साफ हाथों से स्पर्श करें.

अपरा एकादशी व्रत के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपरा एकादशी पर श्रद्धा और नियमपूर्वक तुलसी पूजन करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है. इस व्रत के प्रभाव से आर्थिक तंगी दूर होती है, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है. श्रद्धापूर्वक किए गए इस व्रत से स्वास्थ्य, धन और मानसिक शांति का आशीर्वाद मिलता है.

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