Chaitra Navratri 2025: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. यह पर्व वर्ष में चार बार मनाया जाता है, जिनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि को प्रमुखता दी जाती है, जबकि माघ और आषाढ़ माह में आने वाले गुप्त नवरात्र भी आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होते हैं. भक्तजन मां दुर्गा के नौ रूपों की उपासना करते हैं और व्रत रखते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है. महिलाओं के लिए यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या वे मासिक धर्म (पीरियड्स) के दौरान नवरात्रि का व्रत रख सकती हैं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ से दूर रहने की सलाह दी जाती है. हालांकि, यदि कोई महिला व्रत के बीच में पीरियड्स आने के कारण असमंजस में है, तो कुछ नियमों का पालन करते हुए वह व्रत जारी रख सकती है. आइए जानते हैं इस दौरान किन सावधानियों को अपनाना चाहिए.
पारंपरिक रूप से पीरियड्स के दौरान महिलाओं को मंदिर जाने, पूजा करने और धार्मिक सामग्री को छूने से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि, व्रत रखने को लेकर कोई सख्त प्रतिबंध नहीं है. महिलाएं चाहें तो व्रत रख सकती हैं, लेकिन उन्हें कुछ नियमों का पालन करना होगा.
यदि नवरात्रि व्रत के दौरान पीरियड्स आ जाएं, तो आप व्रत को जारी रख सकती हैं.
इस दौरान पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान स्वयं न करें, बल्कि परिवार के किसी अन्य सदस्य से करवा सकती हैं.
मंदिर में प्रवेश करने और देवी की मूर्ति को छूने से बचें.
मन ही मन मां दुर्गा का स्मरण करें और भजन-कीर्तन सुनें.
हिंदू धर्म की परंपराओं के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को शारीरिक शुद्धि को ध्यान में रखते हुए धार्मिक अनुष्ठानों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है. हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि वे आध्यात्मिक रूप से मां दुर्गा की भक्ति नहीं कर सकतीं. वे मानसिक रूप से ध्यान कर सकती हैं और माता रानी की कृपा प्राप्त कर सकती हैं.
अगर नवरात्रि व्रत के बीच में पीरियड्स आ जाते हैं, तो इससे परेशान या निराश होने की जरूरत नहीं है. शारीरिक नियमों को ध्यान में रखते हुए धार्मिक आस्था बनाए रखें. मां दुर्गा भावनाओं को अधिक महत्व देती हैं, इसलिए मन से की गई प्रार्थना भी उन्हें स्वीकार होती है.
Disclaimer: ये आर्टिकल धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारी पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता. First Updated : Tuesday, 25 March 2025