Chaitra Navratri 2025: इस साल चैत्र नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना का दूसरा मुहूर्त अभिजित मुहूर्त रहेगा, जो दोपहर 12:01 से 12:50 तक है. कलश स्थापना के बाद दुर्गा माता का गंगाजल से अभिषेक किया जाता है, जिसमें अक्षत, लाल चंदन, चुनरी, सफेद और लाल पुष्प अर्पित किए जाते हैं.
पूजा-विधि में सभी देवी-देवताओं का जलाभिषेक किया जाता है. जिसमें फल, फूल और तिलक लगाए जाते हैं. प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाई जाती है और घर के मंदिर में धूपबत्ती और घी का दीपक जलाया जाता है.
इसके अलावा दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ किया जाता है और पान के पत्ते पर कपूर और लौंग रख माता की आरती की जाती है. अंत में क्षमा प्रार्थना की जाती है.
इसलिए, कलश स्थापना के साथ ही देवी-देवताओं को घर में निमंत्रण दिया जाता है, और नवरात्रि के 9 दिन व्रत रखा जाता है.
डिस्क्लैमर- यहां पर दी गई जानकारी हो सकता है कि एकदम सटीक नहीं हो, ऐसे में अपने क्षेत्रीय पुरोहितों से नवरात्र के पूजन और कलश स्थापन की विधि के बारे विस्तृत जानकारी ले सकते हैं. First Updated : Saturday, 29 March 2025