घर बनवाते समय तीन बार भूमि पूजन करना क्यों है जरूरी, जानिए वास्तु नियमों से जुड़ी अहम बातें

भवन निर्माण से समय वास्तु पूजा को लेकर विशेष ध्यान दिया जाता है. ऐसा माना जाता है वास्तु पूजा की विधि अच्छे से पूरी होने पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.

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नई दिल्ली: अक्सर भवन निर्माण से समय वास्तु दिशा और वास्तु पूजा को लेकर विशेष ध्यान दिया जाता है. ऐसा माना जाता है कि  घर की वास्तु दिशा सही होने और वास्तु पूजा की विधि अच्छे से पूरी होने पर घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.  यही कारण है कि वास्तु शास्त्र में भूमि पूजन से लेकर गृह प्रवेश तक कई महत्वपूर्ण नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना शुभ माना जाता है. चलिए जानते है की है वो नियम.

भवन निर्माण जरूर करें ये काम 

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी भवन निर्माण की शुरुआत से पहले भूमि को पूरी तरह साफ करना बेहद जरूरी माना जाता है. इस दौरान निर्माण स्थल से कूड़ा-करकट हटाकर जमीन को समतल किया जाता है, ताकि आगे का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके. इसके बाद भूखंड के उत्तर-पूर्व दिशा में वास्तु पूजा और भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा निभाई जाती है. वहीं पूजा के बाद ही शिलान्यास और नींव खोदने का कार्य शुरू किया जाता है. 

कहां से खुदाई करना माना जाता है शुभ 

वास्तु शास्त्र में खुदाई की दिशा पर भी विशेष महत्व दिया जाता है. नियमों के अनुसार, खुदाई का कार्य उत्तर-पूर्व कोने से शुरू करना शुभ माना जाता है. इसके बाद इसे दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और अंत में दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ाया जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि निर्माण के दौरान उत्तर-पूर्व भाग का स्तर अन्य हिस्सों की तुलना में नीचा रहना चाहिए, जबकि बाकी क्षेत्र ऊंचे रहने चाहिए.

तीन बार वास्तु पूजा क्यों जरूरी? 

बता दें, भवन निर्माण के दौरान केवल भूमि पूजन ही नहीं  बल्कि तीन बार वास्तु पूजा करने की भी परंपरा बताई गई है. नियमों के अनुसार, पहली पूजा निर्माण कार्य शुरू होने से पहले, दूसरी पूजा मुख्य द्वार स्थापित करते समय और तीसरी पूजा भवन निर्माण कार्य पूरा होने के बाद गृह प्रवेश के समय की जाती है.

शुभ मुहूर्त पर दे विशेष ध्यान 

इसके अलावा, मुख्य द्वार लगाने और गृह प्रवेश के लिए अलग-अलग शुभ मुहूर्त निर्धारित करने की सलाह दी जाती है. वास्तु ग्रंथों में सूर्य की विभिन्न राशियों में स्थिति के अनुसार खुदाई करने की बात कही गई है. माना जाता है कि सही समय और दिशा का चयन निर्माण कार्य को शुभ और फलदायी बनाता है. इसके तहत घर में सकारात्मक वातावरण बने रहने के साथ परिवार के सदस्यों को मानसिक शांति एवं सुख-समृद्धि प्राप्त होती है. First Updated : Wednesday, 03 June 2026