आज पूरी दुनिया में वैलेंटाइन डे प्रेम और स्नेह के प्रतीक के रूप में मनाया जा रहा है. यह दिन खास तौर पर उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो अपने रिश्ते को और मजबूत बनाना चाहते हैं. इस अवसर पर कपल्स एक-दूसरे को उपहार देकर और समय बिताकर अपने जज़्बात जाहिर करते हैं. वैवाहिक और प्रेम संबंधों में मधुरता लाने के लिए भी इस दिन को शुभ माना जाता है.
हालांकि, कई बार रिश्तों में अनबन या दूरी आ जाती है, जिससे साथी परेशान हो जाते हैं. ऐसे में लोग सोचते हैं कि संबंधों में दोबारा नजदीकियां कैसे बढ़ाई जाएं. ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिनके बारे में मान्यता है कि वे प्रेम जीवन में सकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं.
अगर आपके और आपके पार्टनर के बीच बातचीत कम हो गई है या दूरी महसूस हो रही है तो वैलेंटाइन डे के दिन “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” मंत्र का 551 बार जप करना शुभ माना जाता है. जप करते समय सात ताजे पान के पत्ते लें और उन पर सिंदूर मिले जल की बूंदें छिड़कें. अगले शुक्रवार को उसी सिंदूर से पत्ते पर अपने साथी का नाम लिखकर उसे सिर के ऊपर 21 बार घुमाने के बाद किसी शांत स्थान पर रख दें. मान्यता है कि इससे रिश्ते में सकारात्मक बदलाव आ सकता है.
ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य और आकर्षण का कारक माना जाता है. यदि आप अपने रिश्ते में रोमांस और समझ बढ़ाना चाहते हैं तो “ॐ द्राँ द्रीँ द्रौँ सः शुक्राय नमः” मंत्र का जप करना लाभकारी माना जाता है. ऐसा विश्वास है कि इससे शुक्र की स्थिति मजबूत होती है और दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है.
वैलेंटाइन डे पर गिफ्ट देते समय रंगों का भी ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. ज्योतिष के अनुसार काला रंग शनि का प्रतीक है और इसे प्रेम संबंधों में दूरी का कारण माना जाता है. इसलिए इस दिन अपने पार्टनर को काले रंग के कपड़े, जूते या अन्य वस्तुएं उपहार में देने से बचने की सलाह दी जाती है.
कुल मिलाकर, सच्चा प्रेम आपसी विश्वास, सम्मान और संवाद से मजबूत होता है. ज्योतिषीय उपायों के साथ यदि आप रिश्ते में ईमानदारी और समझदारी बनाए रखें तो संबंधों में खुशियां और स्थिरता बनी रह सकती है. First Updated : Saturday, 14 February 2026