Pitra Dosh: ज्योतिष शास्त्र में पितृ दोष (Pitra Dosh) को बेहद गंभीर माना गया है. ये दोष तब होता है जब हमारे पितर असंतुष्ट रहते हैं या उनकी आत्मा को शांति नहीं मिल पाती. पितृ दोष के कारण व्यक्ति को जीवनभर कई तरह की कठिनाइयों और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. पारिवारिक कलह, आर्थिक संकट, करियर में बाधाएं और मानसिक अशांति जैसी समस्याओं का प्रमुख कारण अक्सर पितृ दोष ही माना जाता है.
ऐसा कहा जाता है कि अगर पूर्वजों की इच्छाएं अधूरी रह जाएं, उनका सम्मान ना किया जाए या उनके लिए आवश्यक धार्मिक कर्म ना किए जाएं, तो उनकी आत्मा अप्रसन्न हो जाती है और इसका असर वंशजों की कुंडली पर पड़ता है. आइए जानते हैं पितृ दोष बनने के प्रमुख कारण-
अगर किसी कारणवश पूर्वजों की इच्छाएं अधूरी रह जाती हैं और परिवारजन उन्हें पूरा करने में असमर्थ रहते हैं, तो यह पितृ दोष का बड़ा कारण बनता है. अक्सर अकाल मृत्यु के मामलों में ऐसा होता है.
पितृ पक्ष में श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान न करना भी पितृ दोष का कारण होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन कर्मों के अभाव में आत्मा को शांति नहीं मिलती और वे असंतुष्ट रहती हैं.
जो लोग अपने माता-पिता या पूर्वजों का अपमान करते हैं, उनकी इच्छाओं की अनदेखी करते हैं या उन्हें सम्मान नहीं देते, उनके वंशजों को पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है.
किसी परिजन का अंतिम संस्कार विधि-विधान से ना हो पाने पर भी पितृ दोष बनता है. क्योंकि इससे आत्मा को तृप्ति और मोक्ष नहीं मिल पाता.
धर्म शास्त्रों के अनुसार किसी असहाय व्यक्ति की हत्या करना भी पितृ दोष का कारण बन सकता है. यह गंभीर पाप माना गया है.
पीपल, बरगद या नीम जैसे पवित्र वृक्षों को काटना भी पितृ दोष उत्पन्न करता है. ये वृक्ष धार्मिक रूप से पूजनीय माने जाते हैं.
यदि किसी मृतक के अंतिम संस्कार में विधि-विधान का पालन न हो, तो पितृ दोष बन सकता है. इससे आत्मा को शांति नहीं मिलती.
जानवरों को मारना, उनका अपमान करना या उन्हें सताना भी पितृ दोष का एक बड़ा कारण माना गया है.
जो लोग छल-कपट, धोखाधड़ी या प्रॉपर्टी विवाद में अनुचित कदम उठाते हैं, उन्हें भी पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है.
धार्मिक व्रत-उपवास, अमावस्या तिथि और त्योहारों के नियमों की अनदेखी करना तथा तामसिक भोजन व मांस-मदिरा का सेवन करना भी पितृ दोष का कारण बन सकता है.
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. JBT News इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
First Updated : Thursday, 28 August 2025