Shukra Gochar 2026: शुक्र के नक्षत्र बदलते ही बदलेगी इन राशियों की किस्मत, मुश्किलों से भरा रहेगा आने वाला समय
वैदिक ज्योतिष में सुख, समृद्धि, सौंदर्य और विलासिता के कारक माने जाने वाले शुक्र ग्रह जल्द ही अपना नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. आगामी 23 जून 2026 को शुक्र देव अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे.

नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष में सुख, समृद्धि, सौंदर्य और विलासिता के कारक माने जाने वाले शुक्र ग्रह जल्द ही अपना नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं. आगामी 23 जून 2026 को शुक्र देव अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अश्लेषा नक्षत्र के अधिपति ग्रह बुद्धि और व्यापार के दाता बुध देव हैं. ग्रह मंडल में शुक्र और बुध के बीच नैसर्गिक मित्रता का भाव है, लेकिन वर्तमान में कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र का संयुक्त प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरा साबित होने वाला है. शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन वैसे तो सभी 12 राशियों के जीवन को किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगा, परंतु 4 राशियां ऐसी हैं जिन्हें इस दौरान विशेष रूप से फूंक-फूंक कर कदम रखने की आवश्यकता होगी.
इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर मिलाजुला रहने वाला है. लेकिन अश्लेषा नक्षत्र का नकारात्मक प्रभाव घरेलू मोर्चे पर तनाव पैदा कर सकता है. इस अवधि में आपकी माता के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है, जिससे आपकी चिंताएं बढ़ेंगी. घर की सुख-सुविधाओं की चीजों या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अचानक खराब होने से बड़ा अप्रत्याशित खर्च सामने आ सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिगाड़ने की कोशिश न करें, अन्यथा आप ऑफिस पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं. वाहन चलाते समय गति पर नियंत्रण रखें.
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर उनके धन और वाणी के भाव को प्रभावित करेगा. अश्लेषा नक्षत्र के प्रभाव स्वरूप आपकी बोलचाल में कड़वापन या रूखापन आ सकता है, जिसके कारण परिवार के सदस्यों और जीवनसाथी के साथ बेवजह का विवाद खड़ा होने की आशंका है. आर्थिक मोर्चे पर फिजूलखर्ची के कारण आपका मासिक बजट पूरी तरह से डगमगा सकता है. निवेश के दृष्टिकोण से यह समय बिल्कुल भी ठीक नहीं है. आपका पैसा लंबे समय के लिए फंस सकता है. इस दौरान किसी को भी कर्ज या उधार देने से साफ बचें.
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर कुंडली के 12वें यानी खर्च के भाव में होने जा रहा है. यह स्थिति आपके खर्चों में बेतहाशा बढ़ोतरी की तरफ इशारा कर रही है. भौतिक सुख-साधनों, सुख-सुविधाओं की वस्तुओं और अनावश्यक यात्राओं पर अत्यधिक धन खर्च होगा, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है. स्वास्थ्य के लिहाज से आपको नींद न आना, आंखों में जलन या पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है. जीवनसाथी की सेहत बिगड़ने से भी अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं.
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर आय और लाभ के भाव में होगा. लेकिन नक्षत्र स्वामी बुध की स्थिति के कारण आपको उम्मीद के मुताबिक आर्थिक लाभ नहीं मिल पाएगा. व्यापारियों को कोई बड़ी व्यावसायिक डील हाथ से निकल जाने के कारण मंदी का सामना करना पड़ सकता है. मित्रों या बड़े भाई-बहनों के साथ किसी वैचारिक मतभेद या गलतफहमी के कारण आपके बने-बनाए काम ऐन वक्त पर बिगड़ सकते हैं. इस अवधि के दौरान शेयर बाजार, लॉटरी या सट्टेबाजी में पैसा लगाने की भूल कतई न करें, भारी वित्तीय नुकसान के योग हैं.
अशुभ प्रभावों को कम करने के अचूक उपाय
यदि आपकी राशि पर इस गोचर का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार निम्नलिखित उपायों से राहत पाई जा सकती है. नियमित रूप से प्रतिदिन 'ॐ शुं शुक्राय नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. शुक्रवार के दिन किसी जरूरतमंद को सफेद चीजें जैसे चावल, चीनी, दूध, दही या सफेद सूती वस्त्रों का दान करें. शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा करें और उन्हें मिश्री व मखाने की खीर का भोग लगाएं, इससे आर्थिक तंगी दूर होती है.


