आज शंकराचार्य और सूरदास जयंती के साथ मंगलवार व्रत, जानें पंचांग से राहुकाल, चौघड़िया और शुभ-अशुभ समय
मंगलवार को हनुमानजी का व्रत रखें और विधि-विधान से पूजा करें. ज्योतिष और पंचांग के अनुसार यह दिन बेहद फलदायी है. इससे आध्यात्मिक उन्नति के साथ जीवन में स्थिरता और सफलता भी मिलती है. 21 अप्रैल के शुभ-अशुभ मुहूर्त और योग जरूर जानें.

आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि उपरांत षष्ठी का शुभ संयोग बन रहा है. मंगलवार का यह दिन रामभक्त हनुमानजी और ग्रहों के सेनापति मंगलदेव को समर्पित है. हिंदू धर्म में मंगलवार को सच्चे श्रद्धाभाव से हनुमानजी की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है. आज शंकराचार्य जयंती और सूरदास जयंती भी मनाई जा रही है. इन महान गुरुओं ने ज्ञान और भक्ति की परंपरा को मजबूत किया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज मंगलवार व्रत रखने वालों को विशेष लाभ मिल सकता है.
हनुमानजी की पूजा से मंगल दोष शांत
ज्योतिष शास्त्र में मंगलवार का संबंध मंगल ग्रह से जुड़ा माना जाता है. मंगल ऊर्जा, पराक्रम और भूमि का कारक ग्रह है. जिनकी कुंडली में मंगल कमजोर या अशुभ है, उन्हें मंगलवार का व्रत अवश्य करना चाहिए. हनुमानजी की उपासना मंगल दोष को शांत करने में सहायक होती है. मंगलवार को सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और हनुमानजी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएं. उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल और लाल फूल चढ़ाएं. इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और गुड़-चना या बूंदी का भोग लगाएं. अंत में आरती उतारकर सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें. नियमित पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और बाधाएं दूर होती हैं.
आज का पंचांग (21 अप्रैल 2026)
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आज की तिथि- पंचमी तिथि – 01:19 ए एम, 22 अप्रैल तक, फिर षष्ठी तिथि
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आज का नक्षत्र- मृगशिरा नक्षत्र – 11:58 पी एम तक, इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र
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आज का करण- बव – 02:44 पी एम तक, बालव – 01:19 ए एम, 22 अप्रैल तक
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आज का योग- शोभन – 12:31 पी एम तक, अतिगण्ड योग
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आज का पक्ष- शुक्ल पक्ष
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आज का दिन- मंगलवार
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चंद्र राशि- वृषभ उपरांत मिथुन राशि
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
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सूर्योदय- 05:50 ए एम
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सूर्यास्त- 06:50 पी एम
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चन्द्रोदय- 08:44 ए एम
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चन्द्रास्त- 11:27 पी एम
आज के शुभ योग और मुहूर्त
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ब्रह्म मुहूर्त: 04:22 ए एम से 05:06 ए एम
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अभिजीत मुहूर्त: 11:54 ए एम से 12:46 पी एम
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विजय मुहूर्त: 02:30 पी एम से 03:22 पी एम
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गोधूलि मुहूर्त: 06:49 पी एम से 07:11 पी एम
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अमृत काल : 03:58 पी एम से 05:25 पी एम
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निशिता मुहूर्त: 11:58 पी एम से 12:41 ए एम, 22 अप्रैल
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रवि योग: 11:58 पी एम से 05:49 ए एम, 22 अप्रैल
Disclaimer: ये धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है, JBT इसकी पुष्टि नहीं करता.


