बेन स्टोक्स न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ तीसरे टेस्ट के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट से लेंगे संन्यास

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही इंग्लैंड के सबसे शानदार आधुनिक करियर में से एक का अंत हो गया।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही इंग्लैंड के सबसे शानदार आधुनिक करियर में से एक का अंत हो गया। स्टोक्स ट्रेंट ब्रिज में न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रहे तीसरे टेस्ट के बाद मैदान को अलविदा कह देंगे।  

ट्रेंट ब्रिज टेस्ट के चौथे दिन दी साथियों को जानकारी   

स्टोक्स ने चौथे दिन खेल शुरू होने से पहले टीम को अपने फैसले के बारे में बताया। बाद में ECB ने भी इसकी पुष्टि कर दी। उन्होंने 2011 में इंग्लैंड की व्हाइट-बॉल टीम से करियर शुरू किया था। 2013 में एडिलेड एशेज में टेस्ट डेब्यू किया था।  

ECB चेयरमैन बोले: सबसे महान क्रिकेटरों में से एक   

ECB चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने कहा, "बेन स्टोक्स इंग्लैंड के सबसे महान क्रिकेटरों में से एक और अपनी पीढ़ी के सबसे अहम खिलाड़ी के तौर पर विदा ले रहे हैं। दबाव में उनका प्रदर्शन, कभी हार न मानने वाली भावना और बड़े मौकों पर कमाल दिखाने की काबिलियत ने फैंस को ऐसी यादें दी हैं जो हमेशा रहेंगी।"  

उन्होंने कहा, "चाहे 2019 और 2022 में वर्ल्ड कप जिताना हो या हेडिंग्ले में एशेज की वो पारी, बेन इंग्लिश क्रिकेट में जादुई खिलाड़ी रहे हैं। हिम्मत और भरोसे के साथ टेस्ट टीम की कप्तानी करना भी उनकी पहचान रही।"  

बैज़बॉल युग के जनक, टेस्ट क्रिकेट को दी नई जान   

अप्रैल 2022 से टेस्ट कप्तान रहे स्टोक्स की विरासत आंकड़ों से कहीं बड़ी है। हेड कोच ब्रेंडन मैकुलम के साथ उन्होंने इंग्लैंड को आक्रामक क्रिकेट खेलना सिखाया। उनकी कप्तानी में टीम की किस्मत बदली और 'बैज़बॉल' युग शुरू हुआ, जिसने टेस्ट क्रिकेट में नई जान फूंक दी।  

सबसे बड़े मंच पर यादगार पारियां   

2019 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 84 रन बनाकर उन्होंने इंग्लैंड को सुपर ओवर तक पहुंचाया और पहली बार ट्रॉफी जिताई। कुछ हफ्ते बाद हेडिंग्ले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 135 रन की पारी खेलकर एक विकेट से एशेज जिताया।  

2016 में केप टाउन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 258 रन उनका टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर रहा। बल्ले और गेंद दोनों से मैच जिताने की काबिलियत ने उन्हें सबसे बड़ा मैच-विनर बनाया। हैमस्ट्रिंग और कंधे की चोटों के बावजूद वे बार-बार लौटे और टीम को प्रेरित किया।  

निडर कप्तानी ने बदला इंग्लैंड का अंदाज    

जो रूट के बाद कप्तान बनते ही स्टोक्स ने टेस्ट क्रिकेट का नजरिया बदल दिया। निडर बल्लेबाजी, आक्रामक पारी घोषित करना और साहसी फैसले उनकी पहचान बने। उनकी कप्तानी ने ड्रेसिंग रूम में भरोसा जगाया और इंग्लैंड को दुनिया की सबसे रोमांचक टीम बनाया।  

ट्रेंट ब्रिज में जर्सी को अलविदा कहते हुए स्टोक्स कप विजेता, एशेज हीरो और प्रेरणादायक कप्तान की विरासत छोड़ रहे हैं। उनके संन्यास से इंग्लिश क्रिकेट का एक युग खत्म हुआ, लेकिन निडर खेल की उनकी सोच सालों तक असर छोड़ेगी।  

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