Bhuvneshwar Kumar birthday: भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन स्विंग गेंदबाजों में शुमार भुवनेश्वर कुमार आज अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं. क्रिकेट के मैदान पर अपनी इनस्विंग और आउटस्विंग से बल्लेबाजों को चकमा देने वाले भुवी ने कई ऐतिहासिक पल अपने नाम किए हैं. खासतौर पर 19 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी के दौरान सचिन तेंदुलकर को शून्य पर आउट कर उन्होंने पहली बार अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने अपनी पहचान मजबूत की और वनडे, टेस्ट और टी20 में बेहतरीन प्रदर्शन किया.
भुवनेश्वर कुमार का क्रिकेट सफर संघर्षों और मेहनत की अनूठी मिसाल है. उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मे भुवनेश्वर को क्रिकेटर बनाने में उनकी बड़ी बहन रेखा कुमार का बड़ा योगदान रहा. आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने छोटे भाई को क्रिकेट की दुनिया में कदम रखने में मदद की. अपनी लगन और कड़ी मेहनत के बलबूते भुवनेश्वर ने भारतीय क्रिकेट में वह मुकाम हासिल किया, जिसे हर युवा गेंदबाज पाने का सपना देखता है.
साल 2008-09 की रणजी ट्रॉफी में मुंबई और उत्तर प्रदेश के बीच खेले गए मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को शून्य पर आउट कर तहलका मचा दिया. यह कारनामा करने वाले वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट के पहले गेंदबाज बने. इस उपलब्धि के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों ने उन्हें भारत का अगला बड़ा तेज गेंदबाज करार दिया.
भुवनेश्वर ने 25 दिसंबर 2012 को पाकिस्तान के खिलाफ टी20 में डेब्यू किया था. इसके बाद 30 दिसंबर 2012 को वनडे क्रिकेट में भी उन्होंने अपना पहला मैच खेला और अपनी पहली ही गेंद पर विकेट लेकर सनसनी मचा दी. उन्होंने पाकिस्तान के मोहम्मद हफीज को इनस्विंग गेंद पर क्लीन बोल्ड कर दिया. इस प्रदर्शन ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया. 22 फरवरी 2013 को भुवनेश्वर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया. खास बात यह रही कि उन्होंने क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में अपने पहले ही विकेट बोल्ड के रूप में लिए. यह एक अनूठा रिकॉर्ड है, जिसे अब तक कोई और गेंदबाज हासिल नहीं कर सका है.
2014 के इंग्लैंड दौरे पर भुवनेश्वर ने अपनी स्विंग गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया. उन्होंने इस सीरीज में कुल 19 विकेट लिए और बल्ले से भी योगदान देते हुए तीन अर्धशतक जड़े. उनके इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय क्रिकेट में एक मजबूत गेंदबाज के रूप में स्थापित किया.
भुवनेश्वर कुमार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी बेहद सफल गेंदबाज रहे हैं. उन्होंने दो सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की. उनकी सटीक गेंदबाजी और डेथ ओवरों में नियंत्रण रखने की क्षमता ने उन्हें आईपीएल का एक बड़ा मैच-विनर बना दिया.
भुवनेश्वर का क्रिकेट सफर आसान नहीं था. एक समय ऐसा भी था जब उनके पास अंडर-17 टूर्नामेंट खेलने के लिए अच्छे स्पोर्ट्स शूज तक नहीं थे. लेकिन उनकी बहन रेखा ने अपनी बचत से उन्हें जूते दिलवाए और क्रिकेट कोचिंग के लिए प्रेरित किया. इसी मेहनत और संघर्ष के बल पर भुवनेश्वर आज भारतीय क्रिकेट के दिग्गज गेंदबाजों में शुमार होते हैं.
भुवनेश्वर कुमार ने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मैच जनवरी 2018 में खेला था, जबकि आखिरी वनडे और टी20 मैच 2022 में खेले. चोटों की वजह से उन्हें कई बार टीम से बाहर होना पड़ा, लेकिन उन्होंने आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर अपनी काबिलियत को साबित किया. 2024-25 सीजन में भुवी ने घरेलू क्रिकेट में उत्तर प्रदेश की टीम के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया और यूपी टी20 लीग में भी अपनी गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा.
इंटरनेशनल डेब्यू: वनडे- 30 दिसंबर 2012 (पाकिस्तान के खिलाफ), टेस्ट- 22 फरवरी 2013 (ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ), टी20- 25 दिसंबर 2012 (पाकिस्तान के खिलाफ)
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर को शून्य पर आउट करने वाले पहले गेंदबाज
तीनों फॉर्मेट में पहला विकेट बोल्ड लेने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज
टेस्ट क्रिकेट में 63 विकेट, वनडे में 141 विकेट और टी20 में 90 विकेट
आईपीएल में दो बार पर्पल कैप विजेता
भुवनेश्वर कुमार भारतीय क्रिकेट के सबसे कुशल स्विंग गेंदबाजों में से एक हैं. उन्होंने अपने करियर में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं और अपनी स्विंग गेंदबाजी से दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान किया है. चोटों के कारण भले ही वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे हों, लेकिन उनकी प्रतिभा और मेहनत ने उन्हें भारतीय क्रिकेट में हमेशा के लिए अमर बना दिया है. First Updated : Wednesday, 05 February 2025