टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की भागीदारी को लेकर स्थिति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को स्पष्ट रूप से बता दिया है कि 21 जनवरी तक उसे अपना अंतिम रुख स्पष्ट करना होगा. यदि इस तय समयसीमा तक बांग्लादेश कोई ठोस निर्णय नहीं लेता है, तो इसके बाद आईसीसी स्वयं इस मामले में फैसला सुना देगा.
ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, यह डेडलाइन 17 जनवरी को ढाका में हुई आईसीसी और बीसीबी की बैठक के दौरान तय की गई. बांग्लादेश को सिर्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लेने को लेकर ही नहीं, बल्कि भारत में आकर खेलने पर भी अपनी सहमति या असहमति साफ करनी है. आईसीसी ने दो टूक शब्दों में यह स्पष्ट कर दिया है कि पहले से घोषित शेड्यूल में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा. इसका मतलब है कि बांग्लादेश अगर टूर्नामेंट खेलना चाहता है, तो उसे तय कार्यक्रम और स्थानों के अनुसार ही खेलना होगा.
ढाका में हुई बैठक दोनों पक्षों के बीच एक सप्ताह के भीतर दूसरी बातचीत थी. इस दौरान बांग्लादेश ने फिर दोहराया कि वह टी20 वर्ल्ड कप खेलना चाहता है, लेकिन भारत के बजाय श्रीलंका में अपने मैच खेलने का इच्छुक है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर सुरक्षा चिंताओं को भारत न आने की मुख्य वजह बताया. हालांकि, आईसीसी ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और साफ किया कि न तो वेन्यू बदले जाएंगे और न ही ग्रुप में कोई फेरबदल होगा. बांग्लादेश को ग्रुप सी में ही खेलना होगा.
बीसीबी ने आईसीसी से यह भी आग्रह किया था कि उसे आयरलैंड के साथ ग्रुप बदलने की अनुमति दी जाए. आयरलैंड ग्रुप बी में है और उसके मुकाबले श्रीलंका में होने हैं. लेकिन 17 जनवरी की बैठक के बाद यह साफ हो गया कि आईसीसी इस मांग पर विचार करने के मूड में नहीं है. आईसीसी ने बांग्लादेश को यह भरोसा भी दिलाया कि भारत में किसी तरह का सुरक्षा खतरा नहीं है.
तय शेड्यूल के अनुसार, बांग्लादेश 7 फरवरी को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा. यह मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा. इसके बाद उसके दो और ग्रुप मुकाबले भी कोलकाता में ही होंगे, जबकि अंतिम ग्रुप मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा.
अब सबकी निगाहें 21 जनवरी पर टिकी हैं. अगर बांग्लादेश टूर्नामेंट से हटने का फैसला करता है, तो आईसीसी रैंकिंग के आधार पर स्कॉटलैंड को उसकी जगह शामिल कर सकता है.
इस पूरे विवाद की जड़ उस समय पड़ी, जब बीसीसीआई ने मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर कर दिया. इस फैसले को बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और वहां के खेल मंत्रालय ने अपमानजनक माना. इसके बाद बांग्लादेश में आईपीएल प्रसारण रोकने जैसे कदम उठाए गए और आईसीसी से भारत के बजाय श्रीलंका में मैच कराने की मांग की गई. First Updated : Monday, 19 January 2026