भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में अपने टेस्ट इतिहास की सबसे यादगार जीत दर्ज की. इस मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 336 रनों से पराजित कर न केवल एजबेस्टन मैदान पर पहली जीत हासिल की, बल्कि इंग्लैंड की बाज़बॉल रणनीति की भी धज्जियाँ उड़ा दीं. इस जीत के केंद्र में कप्तान शुभमन गिल रहे, जिन्होंने दो पारियों में 269 और 161 रन की दो बड़ी पारियाँ खेलकर नया इतिहास रचा.
भारत की ओर से तेज़ गेंदबाज आकाश दीप ने 10 विकेट झटके, जो इंग्लैंड में पिछले 39 वर्षों में किसी भारतीय तेज गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है. साथ ही मोहम्मद सिराज ने पहली पारी में 6 विकेट चटकाकर इंग्लिश बल्लेबाजी की रीढ़ तोड़ दी. आकाश की अंतिम दिन की 5 विकेट हॉल ने इंग्लैंड को 271 रन पर समेट दिया, जो 608 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी.
शुभमन गिल ने इस मैच में कई रिकॉर्ड तोड़े।. वे पहले भारतीय बन गए जिन्होंने एक ही टेस्ट में दोहरा शतक और दूसरी पारी में 150 से अधिक रन बनाए. साथ ही यह उनके टेस्ट कप्तान के रूप में पहली जीत थी. भारत ने इस टेस्ट में कुल 1000 से अधिक रन बनाए, जो टीम के लिए एक और नया रिकॉर्ड बना.
भारत की यह जीत सिर्फ स्कोरबोर्ड पर नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर भी निर्णायक रही. 2022 में इसी मैदान पर इंग्लैंड के हाथों 378 रनों का पीछा कर हारने वाली टीम ने इस बार पूरी तैयारी के साथ वापसी की. स्लिप कॉर्डन की फुर्ती, मिडिल ऑर्डर की मजबूती और गेंदबाजी आक्रमण की विविधता ने इस जीत को खास बना दिया. First Updated : Sunday, 06 July 2025