मुंबईः भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना हाल ही में अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्ख़ियों में थीं. गायक और संगीतकार पलाश मुच्छल से उनकी होने वाली शादी स्थगित होने और बाद में रिश्ता खत्म होने की घोषणा के बाद पहली बार मंधाना सार्वजनिक मंच पर नजर आईं. दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में वह कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मौजूद थीं, जहां उन्होंने अपने माइंडसेट, क्रिकेट और मानसिक मजबूती पर खुलकर बात की.
कार्यक्रम के दौरान जब मंधाना से पूछा गया कि वह कठिन परिस्थितियों में खुद को कैसे संभालती हैं, तो उन्होंने बेहद सादगी से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से बहुत सरल इंसान रही हूं. मैं किसी भी बात को जरूरत से ज्यादा सोचकर अपनी जिंदगी मुश्किल नहीं बनाती. मेरा विश्वास है कि असली मेहनत पर्दे के पीछे होती है. मैदान पर हर कोई हमें देखता है, जज करता है, लेकिन मैं खुद का मूल्यांकन उस मेहनत से करती हूं जो हम कैमरे से दूर करते हैं.
मंधाना ने आगे कहा कि इतनी मेहनत करने से उन्हें एक खास तरह का आत्मविश्वास मिलता है. उन्होंने कहा कि आप चाहे मानसिक रूप से अच्छे दौर में हों या बुरे, जब आप ईमानदारी से मेहनत करते हैं, तो आपको पता होता है कि मैदान पर क्या हो सकता है.
उन्होंने कहा कि उनके लिए क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि जुनून है. मुझे क्रिकेट से ज्यादा कुछ पसंद नहीं. भारतीय जर्सी पहनना ही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है. बचपन से सपना था कि लोग मुझे ‘वर्ल्ड चैंपियन’ कहें.
अक्सर देखा जाता है कि मैच के बीच खिलाड़ियों के बीच रणनीति को लेकर मतभेद सामने आते हैं. इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में मंधाना ने कहा कि इसे वह समस्या नहीं मानतीं. उनके अनुसार, सभी खिलाड़ी भारत के लिए जीतना चाहते हैं. हर किसी की अपनी सोच होती है कि टीम कैसे जीतेगी. ऐसे में चर्चा होना स्वाभाविक है. अगर चर्चा नहीं हो रही है, तो समझ जाइए कि टीम के भीतर जीतने का जज्बा खत्म हो चुका है. मंधाना ने कहा कि बहस देखने में भले ही मतभेद लगे, पर वास्तव में यह टीम के बेहतर प्रदर्शन की इच्छा का संकेत है.
मंधाना और पलाश मुच्छल की शादी 23 नवंबर को तय थी, लेकिन अंतिम समय में इसे टाल दिया गया. इसके बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर बताया कि उन्होंने आपसी सहमति से रिश्ते को समाप्त करने और अपने-अपने जीवन में आगे बढ़ने का फैसला किया है.
हालांकि, इन निजी परिस्थितियों के बावजूद मंधाना का कहना है कि उनका फोकस हमेशा क्रिकेट पर रहा है और आगे भी रहेगा. उनकी बातों से यह साफ झलकता है कि वह मानसिक रूप से बेहद मजबूत हैं और निजी चुनौतियाँ उनके पेशेवर प्रदर्शन को प्रभावित नहीं करतीं.
First Updated : Thursday, 11 December 2025