ओवल टेस्ट का चौथा दिन भी उसी रोमांच से भरा था जैसा इस ऐतिहासिक श्रृंखला के पहले चार मैचों में देखा गया. काले बादलों, नम आउटफील्ड और दबाव भरे माहौल के बीच इंग्लैंड को जीत के लिए केवल 35 रन और चाहिए, जबकि भारत को चार विकेट की दरकार है. पांच मैचों की इस श्रृंखला का अंतिम दिन एक यादगार समापन की ओर अग्रसर है. जहां जीत, हार, ड्रॉ और बराबरी हर नतीजा संभव है.
रविवार को जो रूट और हैरी ब्रुक की शानदार पारियों ने इंग्लैंड को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया. दोनों ने संयम और आक्रामकता का आदर्श संतुलन बनाकर लक्ष्य की ओर मजबूती से बढ़त बनाई. इंग्लैंड ने एक समय 4 विकेट पर 317 रन बना लिए थे, और ऐसा लग रहा था कि भारत मैच से बाहर हो चुका है. लेकिन क्रिकेट के अनिश्चित स्वभाव ने एक बार फिर करवट बदली. दूसरी नई गेंद आने के साथ ही प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज ने भारत को वापसी की राह दिखाई. कृष्णा ने बेथेल और रूट को जल्दी आउट कर समीकरण पूरी तरह बदल डाला.
ब्रुक ने 91 गेंदों में अपना दूसरा शतक जड़ा, जिसमें उनकी टाइमिंग और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था. वहीं, रूट का 39वां टेस्ट शतक उनके अनुभव और तकनीकी परिपक्वता को दर्शाता है. भारत के खिलाफ यह उनका 13वां शतक रहा. लेकिन दोनों का आउट होना मैच की दिशा मोड़ गया.
भारत के तेज़ गेंदबाज़ों ने जबरदस्त जोश और लगन के साथ गेंदबाज़ी की. सिराज की बैक ऑफ लेंथ गेंदों ने ओली पोप और रूट को पवेलियन भेजा. दूसरी ओर, कृष्णा ने बेथेल और रूट को लगातार ओवरों में आउट कर भारत को उम्मीद दी.
मैच के अंतिम दिन मौसम बड़ा फैक्टर हो सकता है. सुबह का समय सूखा रह सकता है, लेकिन दोपहर में बारिश की संभावना है. यह भारत के लिए जोखिम भी हो सकता है और अवसर भी, क्योंकि बादल तेज गेंदबाज़ों के लिए सहायक हो सकते हैं.
इस श्रृंखला ने हर मैच को आखिरी दिन तक जीवित रखा है. भारत और इंग्लैंड, दोनों के पास जीत का मौका है. इंग्लैंड को जहाँ शांत शुरुआत और सतर्कता की जरूरत है, वहीं भारत को अपने गेंदबाज़ों पर भरोसा रखना होगा कि वे बाकी बचे चार विकेट निकाल लें.
First Updated : Monday, 04 August 2025