टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिस खिलाड़ी को शुरुआत में टीम से बाहर बैठाया गया और जिसकी क्षमता पर सवाल उठने लगे थे, वही खिलाड़ी आखिरकार पूरे टूर्नामेंट का सबसे बड़ा सितारा बनकर उभरा. यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि संजू सैमसन हैं, जिन्हें शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ चुना गया.
सैमसन ने न केवल भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए, बल्कि टीम को विश्व चैंपियन बनाने में भी अहम भूमिका निभाई. फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को एकतरफा अंदाज में हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता. संजू सैमसन को टूर्नामेंट में पहला मौका नामीबिया के खिलाफ मैच में मिला, जहां उन्होंने तेज बल्लेबाजी करते हुए 22 रन बनाए. इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उन्होंने 24 रन की तेज पारी खेली. हालांकि उनका असली जलवा ‘करो या मरो’ वाले मुकाबले में देखने को मिला.
वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मैच में सैमसन ने नाबाद 97 रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया. इसके बाद सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 89 रन की शानदार पारी खेलकर टीम की जीत में बड़ा योगदान दिया. फाइनल में भी सैमसन ने 89 रन बनाकर भारत की मजबूत जीत की नींव रखी.
पूरे टूर्नामेंट में सैमसन का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा. उन्होंने सिर्फ 5 मैचों में 80 से ज्यादा की औसत से 321 रन बनाए और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट लगभग 200 के करीब रहा. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया. इसके अलावा उन्होंने लगातार तीन अर्धशतक लगाए और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 24 छक्के भी जड़े. खास बात यह रही कि चार मैचों में उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत पहले ही ओवर में छक्का लगाकर की, जो एक अनोखा रिकॉर्ड माना जा रहा है.
हालांकि ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनने के बावजूद सैमसन को इसके लिए कोई नकद इनाम नहीं मिला, क्योंकि आईसीसी इस अवॉर्ड के साथ केवल ट्रॉफी देती है. अवॉर्ड मिलने के बाद सैमसन ने कहा कि यह उनके करियर का सपना था. उन्होंने बताया कि खराब फॉर्म के कारण उन्हें लगा था कि उनका सपना अधूरा रह जाएगा, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप में मिले मौके ने उनकी किस्मत बदल दी. First Updated : Sunday, 08 March 2026