मुंबईः भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और उपकप्तान शुभमन गिल का मौजूदा खराब फॉर्म चयनकर्ताओं के लिए चिंता का विषय जरूर है, लेकिन इसके बावजूद टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम में किसी बड़े उलटफेर की संभावना फिलहाल नजर नहीं आती. राष्ट्रीय चयन समिति शनिवार को 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर सकती है और संकेत यही हैं कि भरोसा अनुभव और निरंतरता पर ही रखा जाएगा.
बीसीसीआई के नियमों के मुताबिक 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप तक चुनी गई 15 सदस्यीय टीम में जरूरत पड़ने पर बदलाव किए जा सकते हैं. इससे पहले चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान भी परिस्थितियों को देखते हुए आखिरी समय में टीम में बदलाव किया गया था. ऐसे में चयनकर्ता फिलहाल सुरक्षित विकल्प चुन सकते हैं और आगे हालात के हिसाब से निर्णय ले सकते हैं.
हालांकि बीसीसीआई के भीतर कोई खुलकर यह बात नहीं कह रहा, लेकिन माना जा रहा है कि भारत में होने वाला यह टी20 वर्ल्ड कप सूर्यकुमार यादव के लिए कप्तान के तौर पर आखिरी बड़ा मौका हो सकता है. 35 वर्षीय सूर्यकुमार पिछले एक साल से फॉर्म से जूझ रहे हैं. इसके बावजूद उनका अनुभव और मैच का रुख पलटने की क्षमता चयनकर्ताओं का भरोसा बनाए हुए है.
उपकप्तान शुभमन गिल का प्रदर्शन भी टी20 में लगातार सवालों के घेरे में रहा है. हालांकि टेस्ट और वनडे में कप्तानी संभाल चुके गिल को भविष्य का ऑल-फॉर्मेट कप्तान माना जा रहा है, इसलिए चयनकर्ता उन्हें फिलहाल बाहर करने का जोखिम नहीं लेना चाहेंगे. उनके खराब फॉर्म का फायदा यशस्वी जायसवाल को मिल सकता है, जो लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं.
यशस्वी जायसवाल का नाम चयन में सबसे बड़ा सरप्राइज साबित हो सकता है. उन्होंने गिल और संजू सैमसन की तुलना में खुद को अधिक आक्रामक और उपयोगी टी20 बल्लेबाज साबित किया है. हालांकि उपकप्तान के तौर पर गिल और दूसरे विकेटकीपर के रूप में संजू की मौजूदगी के कारण जायसवाल के लिए सीधे प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना आसान नहीं है.
विकेटकीपर की भूमिका में जितेश शर्मा पहली पसंद बने हुए हैं, जो फिनिशर के तौर पर भी अहम भूमिका निभाते हैं. संजू सैमसन रिजर्व विकेटकीपर के रूप में टीम में बने रह सकते हैं. चयनकर्ताओं के बीच इस स्लॉट को लेकर ज्यादा असमंजस नहीं दिखता.
हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे ऑलराउंडर्स टीम को संतुलन देते हैं. वहीं गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती जैसे नाम टीम को मजबूत बनाते हैं. हालांकि वॉशिंगटन सुंदर का प्रदर्शन इस फॉर्मेट में अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है, फिर भी उन्हें गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में मौका मिल सकता है.
कागजों पर यह टीम बेहद मजबूत नजर आती है, जिसमें अधिकतर खिलाड़ी आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अनुभवी नाम हैं. लेकिन सबसे बड़ी चिंता टॉप ऑर्डर के दो बल्लेबाजों का खराब फॉर्म है, जो बड़े टूर्नामेंट में टीम के लिए चुनौती बन सकता है.
वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले केवल कुछ ही मुकाबले बचे हैं, ऐसे में चयन समिति किसी बड़े प्रयोग के बजाय निरंतरता को प्राथमिकता दे सकती है. आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि क्या यह भरोसा सही साबित होता है या बदलाव जरूरी होंगे.
First Updated : Saturday, 20 December 2025