फिक्सिंग के जाल में फंसे वो पाकिस्तानी खिलाड़ी, जिनका करियर भी खत्म होकर रह गया, देखें लिस्ट

पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में कई दिग्गज खिलाड़ी मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग कांड में फंसकर बैन और जेल की सजा भुगत चुके हैं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा बर्बाद हो गई.

Simran Sachdeva

Pakistan Cricketers: पाकिस्तान क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसे मौके आए जब दिग्गज खिलाड़ियों ने मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग जैसे घोटालों में अपना करियर दांव पर लगा दिया. नतीजा– आजीवन प्रतिबंध, जेल की सजा और बर्बाद होती प्रतिष्ठा. सलीम मलिक से लेकर मोहम्मद आमिर, सलमान बट्ट, मोहम्मद आसिफ और दानिश कनेरिया तक, कई नामचीन खिलाड़ी इस काले खेल का हिस्सा बने. इन मामलों ने ना केवल पाकिस्तान क्रिकेट की छवि को धूमिल किया, बल्कि दुनियाभर के क्रिकेट प्रेमियों को भी गहरा आघात पहुंचाया.

सलीम मलिक

साल 2000 में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलीम मलिक पर गंभीर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे. मामले ने इतना तूल पकड़ा कि उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया. सलीम मलिक ने बाद में पाकिस्तान की जनता से माफी मांगी, लेकिन यह प्रतिबंध उनके करियर का अंत साबित हुआ.

सलमान बट्ट

2010 के इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तानी कप्तान सलमान बट्ट स्पॉट फिक्सिंग में मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर पकड़े गए. मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ के साथ उन्होंने मिलकर मैच में जानबूझकर नो-बॉल फेंकवाई. नतीजतन, बट्ट को ढाई साल जेल और 10 साल का बैन झेलना पड़ा.

मोहम्मद आमिर

करियर की शुरुआती सफलता के बाद मोहम्मद आमिर का नाम 2010 स्पॉट फिक्सिंग कांड में सामने आया. कप्तान बट्ट के कहने पर उन्होंने भी जानबूझकर नो-बॉल फेंकी. इस अपराध के लिए उन्हें 5 साल का बैन और जेल की सजा दोनों मिलीं. बाद में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की, लेकिन उनकी छवि कभी पहले जैसी नहीं रही.

मोहम्मद आसिफ

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ भी उसी स्पॉट फिक्सिंग मामले में फंस गए जिसमें बट्ट और आमिर शामिल थे. आसिफ को 5 साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा और उन्हें यूके में जेल भी हुई.

दानिश कनेरिया

पूर्व लेग स्पिनर दानिश कनेरिया इंग्लैंड में प्रो 40 मैच के दौरान फिक्सिंग में पकड़े गए. उन्होंने आरोप कबूल कर लिया और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) व पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया. कनेरिया का आरोप है कि क्योंकि मैं हिंदू था और बाकी खिलाड़ी मुस्लिम थे, इसलिए PCB ने कभी भी मुझ पर से यह बैन नहीं हटाया.

पाकिस्तान क्रिकेट का इतिहास बताता है कि लालच और सट्टेबाजी ने यहां कई करियर बर्बाद किए. चाहे मैच फिक्सिंग हो या स्पॉट फिक्सिंग, इन कांडों ने क्रिकेट प्रेमियों के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है.

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