AAP सांसद ने संसद में आंगनवाड़ी कर्मियों के मानदेय वृद्धि और पंजाब बाढ़ मुआवजे के लिए उठाई आवाज, केंद्र से 20 हजार करोड़ की मांग की
लोकसभा में सप्लीमेंट्री मांगों पर चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने आंगनवाड़ी कर्मियों के स्थायीकरण और वेतन वृद्धि, पंजाब के लिए बाढ़ मुआवजा, नए राशन कार्ड जारी करने और खेल अनुदानों में निष्पक्षता की मांग की.

पंजाब : संगरूर से आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर ने संसद में सप्लीमेंट्री मांगों पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार का ध्यान कई गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दों की ओर आकर्षित किया. उन्होंने सामाजिक कल्याण, राहत, खाद्य सुरक्षा और खेल जैसे क्षेत्रों में पंजाब की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए केंद्र से ठोस वित्तीय सहायता की मांग की.
आंगनवाड़ी कर्मियों की स्थिति पर सवाल
‘विकसित भारत’ के दावे पर तीखा कटाक्ष
सरकार के ‘विकसित भारत’ के मॉडल पर सवाल उठाते हुए मीत हेयर ने कहा कि वैश्विक भूख सूचकांक में भारत की स्थिति चिंताजनक है. उन्होंने बताया कि भारत 123 देशों में 102वें स्थान पर है, जो यह दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर पोषण और खाद्य सुरक्षा की गंभीर समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं. उनके अनुसार, जब तक बुनियादी जरूरतें पूरी नहीं होंगी, तब तक विकास के दावे खोखले रहेंगे.
भारी नुकसान की भरपाई की मांग
पंजाब में आई हालिया भीषण बाढ़ का उल्लेख करते हुए मीत हेयर ने कहा कि इस आपदा से राज्य को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है और सड़कें, पुल, बिजली तथा सिंचाई जैसी बुनियादी संरचनाएं बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं. उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने पंजाब के लिए 1600 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन अब तक राज्य को यह राशि नहीं मिली. उन्होंने मांग की कि घोषित पैकेज के साथ-साथ वास्तविक नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त 20 हजार करोड़ रुपये तुरंत जारी किए जाएं.
जनगणना न होने से राशन कार्ड संकट
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन कार्डों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सांसद ने कहा कि कोविड महामारी के कारण 2021 की जनगणना नहीं हो पाई और भविष्य में भी इसके जल्द होने की कोई स्पष्ट संभावना नहीं है. उन्होंने बताया कि 2011 की जनगणना के आधार पर पंजाब में लगभग 1.41 करोड़ राशन कार्ड जारी किए गए थे, जबकि बीते वर्षों में जनसंख्या बढ़ने से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या भी बढ़ गई है. ऐसे में नए राशन कार्ड तुरंत जारी किए जाने चाहिए.
खेल अनुदानों में पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप
मीत हेयर ने खेल क्षेत्र में पंजाब के योगदान का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया योजना के तहत पंजाब को नजरअंदाज किया गया, जबकि 2024 में गुजरात को करोड़ों रुपये की ग्रांट दी गई. उन्होंने यह भी कहा कि 2024 पेरिस ओलंपिक में गुजरात का कोई भी खिलाड़ी पदक नहीं जीत सका, जबकि पंजाब के आठ खिलाड़ियों ने हॉकी में देश के लिए पदक हासिल किए.
खेल प्रदर्शन के आधार पर अनुदान देने की मांग
पंजाब की खेल विरासत को रेखांकित करते हुए मीत हेयर ने संसारपुर जैसे गांवों का उदाहरण दिया, जहां से एक ही गांव ने कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ी दिए हैं. उन्होंने मांग की कि खेलों में अनुदान राज्यों को उनके वास्तविक खेल प्रदर्शन के आधार पर दिया जाए. साथ ही उन्होंने चिंता जताई कि 2030 में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने जा रहा है, इसके बावजूद सप्लीमेंट्री ग्रांटों में खेल क्षेत्र के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया.


