Delhi Air Quality: जैसे-जैसे राजधानी दिल्ली में सर्दी दस्तक दे रही है, वैसे-वैसे वायु गुणवत्ता भी बिगड़ती जा रही है. गुरुवार सुबह 4:45 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 210 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी में आता है. पर्यावरण विशेषज्ञों और अधिकारियों का कहना है कि यह लगातार दूसरा दिन था जब दिल्ली की हवा 'खराब' स्तर पर रही, और कुछ क्षेत्रों में स्थिति और भी गंभीर रही.
15 अक्टूबर को दिल्ली के 38 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से पांच में AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, आनंद विहार का AQI सबसे अधिक 345 रहा, जो इसे सबसे प्रदूषित इलाका बनाता है. अन्य इलाकों में वजीरपुर का AQI 325, द्वारका सेक्टर 8 का 314, दिल्ली यूनिवर्सिटी नॉर्थ कैंपस और सीआरआरआई मथुरा रोड दोनों का 307 दर्ज किया गया. इसके अलावा, 20 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 'खराब' और 13 स्टेशनों पर 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज किया गया. राजधानी का 24 घंटे का औसत AQI 233 रहा, जो कि 'खराब' स्थिति को दर्शाता है.
CPCB के अनुसार
इस आधार पर देखा जाए तो दिल्ली की अधिकांश आबादी इन दिनों 'खराब' या 'बहुत खराब' हवा में सांस ले रही है.
डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (DSS) की रिपोर्ट के अनुसार, 16.7% वायु प्रदूषण का स्रोत वाहन उत्सर्जन रहा है. इसके साथ ही पराली जलाने की घटनाएं भी वायु की गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं. बुधवार को छह राज्यों में कुल 136 पराली जलाने के मामले सामने आए, जिनमें उत्तर प्रदेश से 46, पंजाब से 11, हरियाणा से 7 और दिल्ली से 1 मामला दर्ज किया गया. यह स्थिति आगे और बिगड़ सकती है, क्योंकि अक्टूबर-नवंबर में पराली जलाने की घटनाएं अपने चरम पर होती हैं, जिससे दिल्ली-एनसीआर की हवा और अधिक जहरीली हो जाती है.
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए कमर कस ली है. रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली की सरकार दिवाली के बाद राजधानी में आर्टिफिशियल बारिश कराने की योजना है, जिससे प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके.
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक भी AQI में कोई खास सुधार की उम्मीद नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम में बदलाव नहीं आता और पराली जलाने की घटनाएं यूं ही जारी रहती हैं, तो दिल्ली में वायु गुणवत्ता 'गंभीर' स्थिति में भी पहुंच सकती
First Updated : Thursday, 16 October 2025