LJP-R Candidate List : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपनी पूरी उम्मीदवार सूची जारी कर दी है. पार्टी ने कुल 29 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जो विभिन्न जातिगत और सामाजिक समूहों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इस बार की सूची में राजपूत, यादव, पासवान, भूमिहार, ब्राह्मण सहित कई अन्य समुदायों के उम्मीदवार शामिल हैं. इस प्रकार, लोजपा-आर ने बिहार की सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति तैयार की है.
उम्मीदवारों के चयन में जातिगत संतुलन को प्राथमिकता
लोजपा-आर ने अपने उम्मीदवारों के चयन में जातिगत संतुलन को प्राथमिकता दी है. सूची में राजपूत और यादव समुदाय के पाँच-पाँच उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि पासवान और भूमिहार से चार-चार उम्मीदवार उतारे गए हैं. इसके अलावा ब्राह्मण, तेली, पासी, सूढ़ी, रौनियार, कानू, रजवार, धोबी, कुशवाहा, रविदास और मुस्लिम समाज के भी उम्मीदवार मौजूद हैं. इस संतुलित प्रतिनिधित्व से पार्टी का उद्देश्य हर समुदाय को चुनाव में समान अवसर देना है.
प्रमुख उम्मीदवार और पार्टी की रणनीति
चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोजपा-आर ने फतुहा से रुपा कुमारी, चेनारी से मुरारी प्रसाद गौतम, बोधगया से श्यामदेव पासवान, रजौली से विमल राजवंशी जैसे कई मजबूत उम्मीदवारों को टिकट दिया है. पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे बिहार के हर हिस्से में चुनावी मैदान मजबूत करने का प्रयास कर रही है. इस बार की रणनीति में जातिगत समीकरणों के साथ-साथ क्षेत्रीय मुद्दों को भी प्रमुखता दी गई है.
लोक जनशक्ति पार्टी का चुनावी मकसद
लोजपा-आर का लक्ष्य बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मजबूत प्रदर्शन करना है. पार्टी न केवल राजनीतिक गठजोड़ों में अपनी भूमिका बढ़ाना चाहती है, बल्कि स्थानीय जनता के मुद्दों को भी प्रमुखता देना चाहती है. चिराग पासवान का नेतृत्व पार्टी को नई दिशा दे रहा है और बिहार में युवाओं एवं किसानों की समस्याओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है. पार्टी चुनावी प्रचार में जाति आधारित राजनीति के साथ विकास एवं कल्याण के मुद्दों को भी प्रमुख बनाएगी.
पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतरी
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की यह उम्मीदवार सूची बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत दिखाती है. जातिगत संतुलन, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और मजबूत नेतृत्व के साथ लोजपा-आर चुनावी मैदान में पूरी ताकत से उतरी है. आगामी चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी अपनी रणनीतियों से कितनी सफलता हासिल करती है और बिहार के राजनीतिक परिदृश्य को कैसे प्रभावित करती है.
First Updated : Thursday, 16 October 2025