बिहार की राजनीति में इस हफ्ते बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है. मौजूदा हालात को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी से ही होगा. इस बीच भाजपा ने अपने विधायक दल के नेता के चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है.
पार्टी की ओर से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. भाजपा के संसदीय बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि बिहार में विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है. उनके नेतृत्व में विधायकों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव किया जाएगा.
उधर, बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी संकेत दिए हैं कि नई सरकार के गठन में अब ज्यादा समय नहीं लगेगा. उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री के नाम की सिफारिश करने की जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी की है. इसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी विधायक एक बैठक में शामिल होंगे और सर्वसम्मति से अपने नेता का चयन करेंगे.
विजय चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि अंततः वही व्यक्ति मुख्यमंत्री बनेगा, जिसे एनडीए विधायक दल अपना नेता चुनेगा. इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है, क्योंकि वही मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार तय करेगी. उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा अपने आंतरिक नियमों और प्रक्रियाओं के तहत इस फैसले को अंतिम रूप देगी.
इसी बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य नेताओं की लगातार बैठकों को लेकर भी चर्चा बनी हुई है. हालांकि, विजय चौधरी ने इसे सामान्य राजनीतिक गतिविधि बताते हुए कहा कि ऐसी मुलाकातें पहले भी होती रही हैं और इसमें कुछ असामान्य नहीं है.
कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलने की संभावना है. First Updated : Sunday, 12 April 2026