हजारीबाग में बच्ची संग दरिंदगी के बाद भाजपा में आक्रोश, झारखंड बंद का ऐलान

हजारीबाग में बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के विरोध में भाजपा ने 2 अप्रैल को मशाल जुलूस और 3 अप्रैल को झारखंड बंद का ऐलान किया है. पार्टी ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दोषियों को कड़ी सजा तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

झारखंड के हजारीबाग जिले में एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है. इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है. पार्टी ने 2 अप्रैल को मशाल जुलूस निकालने और 3 अप्रैल को झारखंड बंद बुलाने की घोषणा की है.

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने क्या कहा?

आदित्यपुर में आयोजित एक अहम बैठक में भाजपा नेताओं ने इस घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि विष्णुगढ़ क्षेत्र में हुई यह वारदात बेहद भयावह है और इससे पूरे प्रदेश में गुस्सा और आक्रोश है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक संघर्ष जारी रखेगी.

प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि 2 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों और प्रखंड मुख्यालयों में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे. इसके अगले दिन 3 अप्रैल को झारखंड बंद का आह्वान किया गया है. उनका दावा है कि इस बंद को जनता का व्यापक समर्थन मिलेगा और यह एक बड़ा जनआंदोलन साबित होगा.

इस आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए भाजपा ने सभी 30 जिलों के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक कर विस्तृत रणनीति तैयार की है. पार्टी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि आंदोलन का असर राज्य के हर हिस्से में दिखे. नेताओं ने यह भी कहा कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.

भाजपा का राज्य सरकार पर तीखा हमला 

भाजपा ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर भी तीखा हमला बोला है. पार्टी नेताओं का आरोप है कि घटना के बाद कांग्रेस के एक मंत्री द्वारा पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देना संवेदनहीनता का उदाहरण है. उनका कहना है कि इस तरह की मदद से परिवार के दर्द को कम नहीं किया जा सकता और यह केवल औपचारिकता भर है.

नेताओं ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी चिंता जताई और कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं. उन्होंने सरकार से सख्त कदम उठाने और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की.

वहीं, प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है और आरोपियों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की जा रही है. भाजपा का कहना है कि उनका आंदोलन सिर्फ इस एक घटना तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक जारी रहेगा. आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक गंभीर रूप ले सकता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो