BSP Lucknow Rally 2025: बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशीराम की 19वीं पुण्यतिथि के अवसर पर 9 अक्टूबर 2025 को राजधानी लखनऊ में पार्टी प्रमुख मायावती एक विशाल रैली के जरिए राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करने जा रही हैं. राजधानी की सड़कों पर बसपा के नीले झंडे, पोस्टर और बैनर लहराते दिखाई दे रहे हैं जिससे माहौल पूरी तरह बसपामय हो चुका है. यह रैली कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित होगी, जहां मंच पूरी तरह सज चुका है और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो चुकी है.
2021 के बाद एक बार फिर मायावती ने वही तारीख और वही स्थान चुना है जब पिछली बार विधानसभा चुनावों से ठीक पहले उन्होंने रैली की थी. इस बार भी रैली के जरिए वह 2027 के चुनावों के लिए पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने की कोशिश करेंगी. मायावती की यह रैली बहुजन समाज पार्टी के लिए 'करो या मरो' जैसी चुनौती मानी जा रही है.
कांशीराम स्मारक स्थल पर मंच पूरी तरह सज चुका है और कार्यकर्ताओं के बैठने के लिए कुर्सियां लगा दी गई हैं. जिलावार और विधानसभावार जिम्मेदारियां बांट दी गई हैं. रमाबाई अंबेडकर स्थल पर कार्यकर्ताओं के रुकने की व्यवस्था की गई है. पार्टी की ओर से करीब पांच लाख लोगों के जुटने का दावा किया गया है. बसपा की सहयोगी इकाइयों बामसेफ और बीएस-4 को भी व्यापक जिम्मेदारी दी गई है.
सूत्रों के अनुसार मायावती इस बार रैली को लेकर नई रणनीति के साथ मैदान में हैं. वह मंच पर करीब तीन घंटे तक उपस्थित रहेंगी. उनके साथ मंच पर भाई आनंद कुमार, भतीजे आकाश आनंद और वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र सहित सात प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे. रैली के बाद मायावती कुछ चुने हुए कार्यकर्ताओं के साथ अलग बैठक कर फीडबैक लेंगी और भविष्य की रणनीति पर विचार करेंगी. संगठन को मजबूत करने और नए लोगों को पार्टी से जोड़ने की योजना पर भी मंथन होगा.
रैली को लेकर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. पुरानी जेल रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर सुरक्षा के मद्देनजर 2114 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. डीसीपी अपराध एवं यातायात कमलेश दीक्षित के अनुसार रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी पुलिस बल की तैनाती की गई है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई चूक न हो इसके लिए प्रत्येक स्तर पर निगरानी रखी जा रही है.
डीसीपी: 04
एडीसीपी: 07
एसीपी: 21
इंस्पेक्टर: 69
सब इंस्पेक्टर: 549
महिला सब इंस्पेक्टर: 31
हेड कांस्टेबल: 341
महिला कांस्टेबल: 165
होमगार्ड: 182
पीएसी कंपनियां: 04
आरएएफ कंपनी: 01
2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी को भारी नुकसान झेलना पड़ा था. इस बार मायावती की यह रैली केवल श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है बल्कि यह 2027 की लड़ाई में पार्टी को मजबूती से पेश करने की राजनीतिक पुनर्स्थापना की बड़ी कवायद भी है. खिसकती जमीन को दोबारा हासिल करने की जद्दोजहद में मायावती आज अपने भाषण और उपस्थिति से कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश करेंगी. First Updated : Thursday, 09 October 2025