सीएम योगी ने यूपी के एक गांव का नाम बदलने का किया ऐलान, मियांपुर होगा रविंद्रनगर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी के मियांपुर गांव का नाम बदलकर रविंद्रनगर करने का ऐलान किया और 213 परियोजनाओं का लोकार्पण किया. साथ ही बांग्लादेश से आए विस्थापित हिंदू परिवारों और थारू समुदाय को जमीन के अधिकार पत्र देकर उन्हें सम्मान और स्वामित्व अधिकार प्रदान किए.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी में आयोजित एक जनसभा के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए जिले के मियांपुर गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्रनगर’ करने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि यह नाम गुरुदेव के सम्मान में रखा जा रहा है. मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले गांव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से इसका नाम मियांपुर रखा गया था, जबकि वहां इस नाम से जुड़ा कोई वास्तविक आधार नहीं था.
भारत-पाकिस्तान युद्ध का जिक्र
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने 331 हिंदू बांग्लादेशी परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ प्रदान किया और कहा कि डबल इंजन सरकार में बिना भेदभाव के सभी वर्गों का विकास सुनिश्चित किया गया है. उन्होंने वर्ष 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की नीतियों की आलोचना की और कहा कि उसके कारण हिंदू समुदाय को लंबे समय तक अत्याचार सहना पड़ा.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 213 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया. साथ ही बांग्लादेश से विस्थापित परिवारों को संक्रमणीय और असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए. उन्होंने इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ऐतिहासिक न्याय की दिशा में उठाया गया कदम बताया. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘परहित’ को सर्वोच्च धर्म माना गया है और इसी भावना के साथ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कार्य कर रही है.
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पहली बार थारू समुदाय को भूमि अधिकार दिए गए हैं. इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों को भी स्वामित्व अधिकार प्रदान किए गए हैं, जिन्हें पहले केवल बसाया गया था, अधिकार नहीं दिए गए थे. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से आए ये परिवार वर्षों से असुरक्षा और अनिश्चितता में जी रहे थे, लेकिन अब उन्हें सम्मान और अधिकार मिल रहे हैं.
सपा पर पलटवार
विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे हिंदू और सिख समुदाय के मुद्दों पर चुप रहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत इन विस्थापितों को अधिकार दिए जा रहे हैं, जिसका विपक्ष ने विरोध किया था.
चंदन चौकी क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने थारू समाज के 4356 परिवारों को 5338 हेक्टेयर और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर जमीन के अधिकार पत्र वितरित किए. उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब इन परिवारों को किसी भी विभाग द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा और उनकी जमीन पर अवैध कब्जे की संभावना भी समाप्त होगी.


