Pune Shaniwar Wada Namaz Protest: पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा किले में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों द्वारा नमाज पढ़ने का एक वीडियो वायरल होने के बाद पूरे शहर में राजनीतिक और सामाजिक तनाव गहराता जा रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी के नेतृत्व में मौके पर पहुंचकर गोमूत्र और गोबर छिड़ककर शुद्धिकरण किया. घटना को लेकर जहां हिंदू संगठनों ने ऐतिहासिक धरोहर के अपमान का आरोप लगाया, वहीं विपक्षी दलों ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की साजिश बताया है.
रविवार को मेधा कुलकर्णी ने वीडियो को एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि यह हर पुणेकर के लिए चिंता और आक्रोश का विषय है. पुणे प्रशासन आखिर कर क्या रहा है? हमारी विरासत स्थलों का सम्मान कहां गया? आइए हम सब मिलकर अपनी संस्कृति का सम्मान करें. उन्होंने आगे कहा कि वीडियो मिलने के बाद महाराष्ट्र पुरातत्व विभाग से संपर्क किया, जिसने पुष्टि की कि नमाज़ पढ़ने वालों को वहां से हटाया गया था.
इससे यह स्पष्ट होता है कि घटना किले परिसर में ही हुई थी. हम पहले भी देख चुके हैं कि जहां नमाज़ पढ़ी जाती है, वहां बाद में धार्मिक स्थल बन जाते हैं. ऐसे अतिक्रमण को रोकने के लिए हमने विरोध किया कुलकर्णी ने कहा.
उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार वाड़ा मराठा साम्राज्य की राजधानी रहा है और यह छत्रपति शिवाजी महाराज के स्वराज्य का प्रतीक है, इसलिए किसी एक धर्म के धार्मिक क्रियाकलाप की अनुमति यहां नहीं दी जानी चाहिए.
बीजेपी कार्यकर्ताओं का विरोध उस समय और उग्र हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने पास ही स्थित हजरत ख्वाजा सैयद दरगाह को हटाने की मांग करते हुए नारेबाज़ी शुरू कर दी. स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुईं. करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रित किया.
एनसीपी प्रवक्ता रुपाली पाटिल ठोंबरे ने मेधा कुलकर्णी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मेधा कुलकर्णी ने पुणे में धार्मिक तनाव फैलाने की कोशिश की है. उनके खिलाफ तुरंत मामला दर्ज होना चाहिए. शनिवार वाड़ा सिर्फ किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि हर पुणेकर का है.
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी को अपने नेताओं को नियंत्रण में रखना चाहिए और इस तरह के भड़काऊ बयानों से बचना चाहिए.
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा कि शनिवार वाड़ा हमारे वीरता का प्रतीक है. यह हिंदू समुदाय के दिल में एक खास स्थान रखता है. अगर लोग वहां नमाज़ पढ़ना चाहें, तो क्या वे हाजी अली में जाकर हनुमान चालीसा पढ़ने को भी स्वीकार करेंगे? क्या इससे किसी की भावना आहत नहीं होगी? उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रार्थनाएं सिर्फ निर्धारित स्थलों पर ही होनी चाहिए.
महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी ने शुद्धिकरण की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमानों ने इस देश के लिए जान दी है. जो लोग अंग्रेजों के साथ खड़े थे, आज वही सत्ता में हैं और मुसलमानों के साथ इस तरह का बर्ताव कर रहे हैं. इसका करारा जवाब मिलेगा.
यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई लेकिन धीरे-धीरे यह एक बड़े सांस्कृतिक और धार्मिक टकराव का कारण बनती जा रही है. विपक्ष जहां भाजपा पर धार्मिक ध्रुवीकरण का आरोप लगा रहा है, वहीं बीजेपी का कहना है कि वह सिर्फ ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा कर रही है. First Updated : Tuesday, 21 October 2025