नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री नुसरत भरूचा हाल ही में उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने भस्म आरती में भाग लिया और भगवान महाकाल के दर्शन किए. मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्होंने जल अर्पित किया. अभिनेत्री की इस धार्मिक यात्रा की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया.
हालांकि, नुसरत भरूचा की आस्था और मंदिर दर्शन को लेकर सामने आई प्रतिक्रियाओं ने इसे विवाद का रूप दे दिया है. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के बयान के बाद यह मुद्दा धार्मिक बहस के केंद्र में आ गया है.
नुसरत भरूचा ने उज्जैन पहुंचकर महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने भगवान महाकाल के दर्शन किए और मंदिर की परंपराओं के अनुसार जल अर्पित किया. उनकी यह यात्रा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद अलग-अलग वर्गों से प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं.
नुसरत भरूचा के महाकाल दर्शन के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि एक मुस्लिम महिला का मंदिर जाकर पूजा करना, जल चढ़ाना और हिंदू धार्मिक परंपराओं का पालन करना इस्लाम के खिलाफ है. मौलाना के अनुसार, इस्लाम और शरीयत ऐसे कर्मों की अनुमति नहीं देते. उन्होंने इसे धार्मिक नियमों का उल्लंघन बताते हुए गंभीर मामला करार दिया.
उत्तर प्रदेश के बरेली से जारी बयान में, आईएएनएस के अनुसार, मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि शरीयत की नजर में नुसरत भरूचा गुनहगार हैं. उनका कहना था कि अभिनेत्री ने इस्लाम के सिद्धांतों के विरुद्ध आचरण किया है और इस कारण वह बड़े गुनाह की श्रेणी में आती हैं. मौलाना ने यह भी कहा कि उन्होंने इस्लाम के खिलाफ ये किया है इसलिए शरीयत की गिरफ्त में आ गई है और वो सख्त गुनाह-ए-अजीम की शिकार हैं.
अपने बयान में आगे मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि नुसरत भरूचा को तौबा करनी चाहिए. उन्होंने अभिनेत्री को इस्तेगफार पढ़ने और कलमा पढ़ने की सलाह दी. मौलाना के अनुसार, तौबा ही इस स्थिति से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता है.
First Updated : Wednesday, 31 December 2025