भाजपा शासित उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नस्लभेद से जुड़े एक गंभीर मामले में त्रिपुरा के छात्र की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गहरी चिंता जताई है. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को न सिर्फ चौंकाने वाला बल्कि बेहद दुखद करार दिया है.
केजरीवाल ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान के आधार पर उसकी जान ले लेना केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था दोनों के लिए शर्मनाक है. अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना को साझा करते हुए कहा कि त्रिपुरा के एक युवा एमबीए छात्र की देहरादून में चाकू मारकर हत्या कर दी गई. उन्होंने कहा कि यह हमला सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह छात्र अपनी पहचान को लेकर की जा रही नस्लीय टिप्पणी का विरोध कर रहा था. केजरीवाल के अनुसार, इस तरह की घटनाएं बताती हैं कि देश में नस्लवाद और घृणा से जुड़े अपराध कितनी गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं.
आम आदमी पार्टी ने इस मामले को पूरी व्यवस्था पर एक गहरे दाग के रूप में बताया है. पार्टी का कहना है कि जब पढ़ाई के लिए दूसरे राज्य में गए छात्र भी सुरक्षित महसूस न करें, तो यह कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. केजरीवाल ने मांग की कि देश में नस्लभेद और घृणित अपराधों के खिलाफ एक सख्त और प्रभावी राष्ट्रीय कानून बनाया जाना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
पार्टी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मृतक छात्र की पहचान त्रिपुरा निवासी अंजेल चकमा के रूप में हुई है, जो देहरादून में एमबीए की पढ़ाई कर रहा था. आरोप है कि कुछ लोगों ने उस पर नस्लीय टिप्पणी की, जिसका उसने विरोध किया. इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और सरेआम सड़क पर उस पर हमला कर दिया. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया.
कई दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद छात्र ने दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद न सिर्फ उसके परिवार, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर समुदाय में गुस्सा और डर का माहौल है. आम आदमी पार्टी ने इस मामले में त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो भविष्य में नजीर बने. पार्टी का कहना है कि न्याय में देरी या नरमी ऐसे अपराधों को और बढ़ावा दे सकती है. First Updated : Monday, 29 December 2025