बिहार: बिहार में 20 नवंबर को बनने वाली नई सरकार के शपथ ग्रहण से पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर मंत्री पदों और विधानसभा अध्यक्ष के दावों को लेकर खींचतान चरम पर पहुंच गई है. जदयू और भाजपा के बीच स्पीकर पद को लेकर सहमति बनाने की कोशिशें मंगलवार को भी जारी रहीं, लेकिन दोनों दल अपने-अपने दावेदारों पर अड़े हुए हैं.
नई सरकार के कड़े राजनीतिक समीकरणों के बीच गठबंधन के सहयोगी दलों—लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो की हिस्सेदारी को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, तेज बातचीत के बीच नए मंत्रियों के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं.
पिछली विधानसभा में भाजपा के नंद किशोर यादव अध्यक्ष थे, जबकि जदयू के नरेंद्र नारायण यादव उपाध्यक्ष. इस बार अध्यक्ष पद के लिए जदयू से विजय चौधरी, भाजपा से प्रेम कुमार के नाम चर्चा में हैं. दोनों दल अपने-अपने दावों को सही ठहराने में जुटे हैं.
सूत्रों के अनुसार, नए मंत्रिमंडल में भाजपा और जदयू से 5–6 नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं. भाजपा से अधिकतम 16 मंत्री, जदयू से 14 मंत्री, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित इनके शपथ लेने की संभावना है. इसके अलावा NDA के अन्य सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी मिलेगी. लोजपा (रामविलास): 3 मंत्री पद, हम और रालोमो: 1-1 मंत्री पद. महनार से जीते जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के मंत्री बनने की संभावना सबसे मजबूत मानी जा रही है.
भाजपा अधिकतर मौजूदा मंत्रियों को दोबारा मौका देने के मूड में है. जिनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है, उनमें शामिल हैं. सम्राट चौधरी, प्रेम कुमार, मंगल पांडेय, विजय कुमार सिन्हा, नीतीश मिश्रा, रेनू देवी, जिबेश कुमार, नीरज कुमार सिंह, जनक राम, हरि साहनी, केदार प्रसाद गुप्ता, सुरेंद्र मेहता, संतोष कुमार सिंह और सुनील कुमार. नए चेहरों में राणा रणधीर, गायत्री देवी और विजय कुमार खेमका के नाम चर्चा में हैं.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू जिन नेताओं को मंत्री बनाने पर विचार कर रही है, उनमें प्रमुख नाम हैं. बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, सुनील कुमार, लेसी सिंह, शीला मंडल, मदन सहनी, रत्नेश सदा, मोहम्मद जामा खान, जयंत राज, उमेश सिंह कुशवाहा और अशोक चौधरी.
राहुल कुमार सिंह, सुधांशु शेखर, कलाधर प्रसाद मंडल और पन्ना लाल सिंह पटेल. First Updated : Wednesday, 19 November 2025