Haryana News: हरियाणा के बल्लभगढ़ के नेकपुर गांव में गुरुवार देर रात एक दुखद और दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. एक पिता ने अपने तीन बच्चों के साथ फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया, जिसमें पिता और उनकी 12 वर्षीय बेटी की मौत हो गई जबकि दो अन्य बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. इस घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है और माहौल गमगीन हो गया है.पुलिस के अनुसार इस घटना के पीछे घरेलू कलह और पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को कारण बताया जा रहा है. पत्नी की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई और कथित धमकी से परेशान होकर पिता ने यह आत्मघाती कदम उठाया. इस घटना ने समाज में पारिवारिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार नेकपुर गांव निवासी 30 वर्षीय कर्मवीर ने गुरुवार देर रात अपने तीन बच्चों के साथ आत्महत्या का प्रयास किया. इस हृदयविदारक घटना में कर्मवीर और उनकी 12 वर्षीय बेटी की मौके पर ही मौत हो गई. अन्य दो बच्चे, जो गंभीर हालत में हैं वर्तमान में बल्लभगढ़ के सर्वोदय अस्पताल में इलाजरत हैं. मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.
जानकारी के अनुसार कर्मवीर और उनकी पत्नी के बीच लंबे समय से अनबन चल रही थी. पत्नी कुछ समय पहले अपने मायके चली गई थी और छह दिन पहले ही घर लौटी थी. इस दौरान दोनों के बीच मारपीट की घटना हुई, जिसके बाद पत्नी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. परिवार का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई और धमकी से कर्मवीर डर गया और उसने बच्चों संग फंदा लगा लिया. इस शिकायत के बाद पुलिस कर्मवीर के घर पहुंची थी जिसके बाद यह दुखद घटना घटी.
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है. साथ ही गंभीर रूप से घायल बच्चों के इलाज की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद और मानसिक दबाव इस घटना का प्रमुख कारण प्रतीत हो रहा है. पुलिस ने परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके.
इस घटना ने नेकपुर गांव में शोक फैला दिया है. ग्रामीण इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं. दो बच्चों की नाजुक हालत को देखते हुए गांववासी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं. यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है बल्कि समाज में बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा को भी उजागर करती है. First Updated : Friday, 03 October 2025