सुकमा मुठभेड़ में ढेर हुई 5 लाख की इनामी महिला नक्सली बुस्की नुप्पो

सुकमा में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 5 लाख की इनामी महिला नक्सली बुस्की नुप्पो मारी गई, जो कई हिंसक घटनाओं में वांछित थी. वहीं नारायणपुर में 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिससे इस साल छत्तीसगढ़ में मारे गए नक्सलियों की संख्या 247 हो गई है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

Sukma Encounter: छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में गुरुवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक कुख्यात महिला नक्सली मारी गई. पुलिस ने बताया कि मारी गई महिला नक्सली की पहचान बुस्की नुप्पो के रूप में हुई है, जो 35 वर्ष की थी और उस पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था. वह लंबे समय से पुलिस को वांछित थी और कई हिंसक वारदातों में शामिल रही थी. नुप्पो माओवादियों की मलांगीर एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य मानी जाती थी.

नुप्पो का शव बरामद

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मुठभेड़ गादीरास थाना क्षेत्र के गुफड़ी और पेरमापारा गांवों के बीच स्थित एक पहाड़ी इलाके में हुई. जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की एक टीम को इस इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद गुरुवार सुबह तलाशी अभियान चलाया गया. अभियान के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने भी गोलीबारी की. मुठभेड़ खत्म होने के बाद घटनास्थल की तलाशी में नुप्पो का शव बरामद हुआ.

पुलिस ने बताया कि नुप्पो पर सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों के तीन थानों में फैले नौ गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज थे. घटनास्थल से सुरक्षाबलों ने एक 315 बोर राइफल, पांच जिंदा कारतूस, एक वायरलेस सेट, आठ डेटोनेटर, करीब 10 मीटर कॉर्डेक्स वायर, चार जिलेटिन की छड़ें, बारूद, एक रेडियो, माओवादी साहित्य और अन्य सामग्री भी बरामद की.

बारह नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

इस मुठभेड़ से एक दिन पहले ही नारायणपुर ज़िले में बारह नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया था. इनमें नौ नक्सली ऐसे थे जिन पर कुल 18 लाख रुपये का इनाम घोषित था. आत्मसमर्पण करने वालों में पांच महिलाएं भी शामिल थीं. नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रॉबिन्सन गुरिया ने बताया कि इन नक्सलियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया.

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने कहा कि वे माओवादियों की खोखली विचारधारा से निराश हो चुके हैं. उन्होंने संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद, निर्दोष आदिवासियों के खिलाफ हिंसा और लगातार हो रहे दमन से तंग आकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया.

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अब तक छत्तीसगढ़ में विभिन्न मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने कुल 247 नक्सलियों को ढेर किया है, जो राज्य में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है.

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