UP News: यूट्यूब पर मां दुर्गा के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करना एक महिला यूट्यूबर को भारी पड़ गया. मड़िहान थाना क्षेत्र की रहने वाली सरोज सरगम ने बीते कुछ महीनों से यूट्यूब पर ऐसे वीडियो अपलोड किए, जिनमें देवी दुर्गा को लेकर आपत्तिजनक बातें कही गईं. इससे हिंदू समाज में गहरा आक्रोश फैल गया, जिसके बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की. पुलिस ने महिला और उसके पति समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला और उसका पति करीब 10 महीने पहले ईसाई धर्म अपना चुके थे और वे पिछले तीन वर्षों से एक विशेष मिशन के लिए गाने बना रहे थे. साथ ही, महिला द्वारा वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने की बात भी सामने आई है.
मड़िहान थाना क्षेत्र में रहने वाली सरोज सरगम नामक महिला ने यूट्यूब चैनल पर देवी दुर्गा को लेकर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया. बीते तीन महीनों में उसके चैनल पर ऐसे कई गाने अपलोड किए गए, जिनमें हिंदू आस्थाओं को ठेस पहुंचाने वाला कंटेंट था.
18 सितंबर को इस मामले में मड़िहान थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की सर्विलांस और साइबर सेल टीम ने तेजी से जांच कर बुधवार को मुख्य आरोपी सरोज सरगम, उसके पति राममिलन बिंद और चार अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया.
एसएसपी सोमेन वर्मा के अनुसार सरोज सरगम पहले बिरहा गायिका थी लेकिन बीते तीन वर्षों से वह पीडीए मिशन के तहत गाने गा रही थी. उसने और उसके पति ने 10 महीने पहले धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म अपना लिया था. पहले भी ऐसे वीडियो को हटवाया गया था लेकिन महिला ने दोबारा आपत्तिजनक वीडियो अपलोड कर दिए.
पुलिस जांच में सामने आया कि विवादित गाने के बोल एक किताब से लिए गए थे, जिसका नाम है ‘जिज्ञासा और समाघान बहुजन नायक महिषासुर’. इस पुस्तक के संपादक राजवीर सिंह यादव को भी आरोपी बनाया गया है, जिसकी गिरफ्तारी की तैयारी चल रही है.
जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि सरोज सरगम ने लगभग 15 बीघा वन भूमि पर अवैध कब्जा कर रखा था. बुधवार को संयुक्त प्रशासनिक व पुलिस टीमों ने उस जमीन को कब्जा मुक्त कराया. अधिकारियों ने बताया कि कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी जो इस पूरे नेटवर्क से जुड़े हैं.
सरोज सरगम व उसके पति सहित सभी सह-आरोपियों को साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तार कर लिया गया है. वीडियो से जुड़ी सामग्री की साइबर जांच जारी है. किसी भी प्रकार की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. First Updated : Thursday, 25 September 2025