Haryana IPS Suicide Case : हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के आत्महत्या मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब रोहतक के साइबर सेल में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) संदीप कुमार ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. उनकी लाश रोहतक-पानीपत रोड के पास एक ट्यूबवेल के पास मिली. पुलिस ने उनकी तीन पन्नों की आत्महत्या नोट बरामद की है, जिसमें उन्होंने दिवंगत आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.
IPS पूरन भ्रष्ट अधिकारी, उनके खिलाफ कई साक्ष्य
आपको बता दें कि संदीप कुमार ने अपने नोट में स्पष्ट तौर पर कहा कि पूरन कुमार भ्रष्ट अधिकारी थे और उनके खिलाफ कई साक्ष्य मौजूद हैं. उन्होंने लिखा कि वह ongoing जांच में गिरफ्तारी के डर से ऐसा कदम उठा रहे हैं और चाहते थे कि भ्रष्ट सिस्टम की पोल खुले. उन्होंने कहा कि वे अपनी जान की आहुति इस उम्मीद में दे रहे हैं कि एक निष्पक्ष जांच हो और भ्रष्ट अधिकारियों को बख्शा न जाए. साथ ही, उन्होंने पूरन कुमार पर जातिगत राजनीति का इस्तेमाल कर खुद को बचाने का आरोप भी लगाया.
सूत्रों के अनुसार, संदीप कुमार उस टीम का हिस्सा थे जो पूरन कुमार के गनमैन सुषील कुमार से जुड़े मामले की जांच कर रही थी, हालांकि वे मुख्य जांच अधिकारी नहीं थे.
रोहतक में IG के पद पर तैनात थे पूरन कुमार
यह आत्महत्या उस समय हुई है जब 52 वर्षीय आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार की मौत की जांच जारी है. पूरन कुमार को उनके चंडीगढ़ स्थित सेक्टर 11 आवास पर मृत पाया गया था. वह रोहतक के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में आईजी के पद पर तैनात थे. उनके निधन से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट में आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम लिए थे, जिनमें डीजीपी शत्रुजीत कपूर और पूर्व रोहतक एसपी नरेंद्र बिजरानिया शामिल थे. उन्होंने उन अधिकारियों पर उत्पीड़न, जातिगत भेदभाव और पेशेवर अलगाव के गंभीर आरोप लगाए थे.
संदीप कुमार द्वारा लगाए गए नए आरोप इस मामले की जांच को और भी जटिल बना सकते हैं. यह पूरा मामला हरियाणा पुलिस में भ्रष्टाचार, जातिगत राजनीति और प्रशासनिक खामियों की गहराई को दर्शाता है, जो निष्पक्ष जांच और सही कार्रवाई की मांग करता है. First Updated : Tuesday, 14 October 2025