झांसी जिले में बुधवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया. कई स्थानों पर होर्डिंग्स के उखड़ने, बिजली के तार टूटने और आगजनी जैसी घटनाएं हुईं. हालांकि, सबसे हैरान करने वाली घटना बामौर वन रेंज के सिंगार गांव में सामने आई, जहां सैकड़ों तोते मृत पाए गए. ग्रामीणों के अनुसार, गांव के पास स्थित तालाब के किनारे बड़ी संख्या में तोते जमीन पर गिरे हुए थे. यह दृश्य देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई.
वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मृत और घायल तोतों को इकट्ठा किया गया. जीवित व घायल पक्षियों को इलाज के लिए बामौर के पशु स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मंदिर के पास लगे पेड़ों पर बड़ी संख्या में तोते रहते थे, जो अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण उड़ नहीं पाए और घायल हो गए.
रेंजर अवधेश सिंह बुंदेला ने बताया कि प्राकृतिक आपदा के चलते यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है. सभी मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके. इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
हालांकि अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या केवल आंधी और बारिश ही इतनी बड़ी संख्या में तोतों की मौत का कारण हो सकते हैं, या इसके पीछे कोई अन्य पर्यावरणीय या जैविक कारण भी हैं. फिलहाल, वन विभाग की टीम गांव में निगरानी कर रही है और इधर-उधर बिखरे घायल या मृत पक्षियों को एकत्र किया जा रहा है. First Updated : Thursday, 22 May 2025